UP NEET UG Counselling 2026: पहले राउंड की काउंसलिंग रद्द, MBBS-BDS सीट अलॉटमेंट भी अमान्य, यहां देखें पूरा अपडेट
NEET UG काउंसलिंग रद्द
UP NEET UG Counselling 2026: उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 काउंसलिंग को लेकर बड़ी खबर है. पहले चरण की काउंसलिंग और सीट आवंटन रद्द कर दिया गया है. जानें कब से होगी नई काउंसलिंग और क्या हैं नए नियम.
UP NEET UG Counselling 2026: उत्तर प्रदेश में नीट यूजी 2026 के जरिए MBBS और BDS में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर है. पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है. इसके साथ ही पहले राउंड में जिन अभ्यर्थियों को MBBS या BDS की सीट आवंटित हुई थी, उनका सीट आवंटन और उस आधार पर हुआ दाखिला भी कैंसिल माना जाएगा. अब पहले चरण की काउंसलिंग दोबारा कराई जाएगी. यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के 16 सितंबर को जारी आदेश के अनुपालन में लिया गया है. चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने इसके बाद पहले चरण की काउंसलिंग के लिए संशोधित शेड्यूल जारी किया है.
21 सितंबर तक भर सकेंगे च्वाइस
संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, पहले चरण की नई काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हो गई है. अभ्यर्थी 21 सितंबर शाम 5 बजे तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स की च्वाइस भर सकेंगे. इसके बाद 22 सितंबर को सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट जारी किया जाएगा. जिन अभ्यर्थियों को सीट मिलेगी, वे 23 से 26 सितंबर के बीच अपना आवंटन पत्र डाउनलोड कर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे.
सरकारी और निजी दोनों कॉलेजों पर लागू
यह संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों, संस्थानों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में MBBS और BDS की स्टेट कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए लागू होगा. काउंसलिंग के बाकी नियम और शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी.
7 सितंबर का सीट अलॉटमेंट अब मान्य नहीं
महानिदेशालय की ओर से जारी आदेश में साफ किया गया है कि 7 सितंबर को हुआ सीट आवंटन अमान्य माना जाएगा. यानी उस दिन सीट पाने वाले छात्रों को नई काउंसलिंग में फिर से अपनी च्वाइस भरनी होगी और उसे लॉक भी करना होगा. नई काउंसलिंग में च्वाइस फिलिंग के लिए पहले चरण में जारी की गई मेरिट लिस्ट को ही आधार बनाया जाएगा.
85% MBBS-BDS सीटों के लिए होती है स्टेट काउंसलिंग
UP NEET UG Counselling 2026 उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 85% MBBS और BDS सीटों पर दाखिले के लिए होने वाली स्टेट लेवल काउंसलिंग प्रक्रिया है. पात्र अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट upneet.gov.in पर लॉगिन करके च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सिक्योरिटी मनी को लेकर भी जरूरी नियम
काउंसलिंग में जमा की जाने वाली सिक्योरिटी राशि को ट्यूशन फीस में एडजस्ट नहीं किया जाएगा. अभ्यर्थियों को भुगतान के लिए अपने ही बैंक खाते का इस्तेमाल करना चाहिए. काउंसलिंग पूरी होने के बाद जिन अभ्यर्थियों को सीट नहीं मिली है और जिन छात्रों ने दाखिला ले लिया है, उनकी सुरक्षा राशि इसी बैंक खाते में वापस की जाएगी.
पहले राउंड में Free Exit की सुविधा
पहले राउंड में सीट मिलने के बाद अगर कोई अभ्यर्थी उस सीट पर एडमिशन नहीं लेता है, तो उसे Free Exit की सुविधा मिलेगी. इसका मतलब है कि उसकी धरोहर राशि वापस कर दी जाएगी. ऐसे अभ्यर्थी आगे होने वाली दूसरे या तीसरे राउंड की काउंसलिंग में फिर से हिस्सा ले सकते हैं.
च्वाइस लॉक नहीं की तो बाहर हो जाएंगे
काउंसलिंग में केवल च्वाइस भरना ही काफी नहीं है, उसे लॉक करना भी जरूरी है. अगर कोई अभ्यर्थी तय समय के भीतर अपनी च्वाइस लॉक नहीं करता है, तो उसे सीट आवंटन प्रक्रिया से स्वतः बाहर कर दिया जाएगा. एक बार च्वाइस लॉक करने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा. इसलिए कॉलेज और कोर्स चुनते समय अभ्यर्थियों को सावधानी बरतनी होगी.
सरकारी कॉलेज में ऐसे होगा एडमिशन
- अगर किसी अभ्यर्थी को राजकीय मेडिकल या डेंटल कॉलेज में सीट मिलती है, तो उसे एडमिशन की प्रक्रिया सीधे उसी आवंटित कॉलेज में पूरी करनी होगी.
- वहीं, निजी कॉलेज में सीट मिलने पर दाखिले की प्रक्रिया शासन की ओर से निर्धारित नोडल सेंटर पर पूरी की जाएगी.
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