जिस घर से उठनी थी बहन की डोली, वहां से उठी भाई की अर्थी, सिपाही अभिषेक की मौत से पसरा मातम, थानेदार पर उठे गंभीर सवाल
शोक में डूबा परिवार, नम आंखों से अंतिम विदाई
Gorakhpur News: गोरखपुर में सिपाही अभिषेक की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं. बहन की शादी से पहले हुई इस घटना से परिवार सदमे में है. अब इस असामयिक मौत पर थानेदार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
Gorakhpur News: गोरखपुर के महुआपार में जिस घर में कुछ दिन बाद बहन की शादी को लेकर खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब मातम पसरा है. परिवार बड़ी बेटी अंकिता सिंह की शादी की तैयारियों में जुटा था और अभिषेक सिंह भी खरीदारी से लेकर दूसरी तैयारियों में परिवार का साथ दे रहा था. इसी बीच सिपाही अभिषेक की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. करीब एक सप्ताह पहले ही अभिषेक गांव आया था. उसने बड़ी मां के साथ बहन की शादी के लिए खरीदारी भी की थी. हाल ही में लेखपाल भर्ती परीक्षा पास करने के बाद परिवार को उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद थी. ऐसे में उसकी मौत से परिजन ही नहीं, गांव के लोग भी स्तब्ध हैं.
तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था अभिषेक
सहजनवा क्षेत्र के महुआपार निवासी धर्मेंद्र सिंह के तीन बच्चों में अभिषेक दूसरे नंबर पर था. उसकी अभी शादी नहीं हुई थी. घर में बड़ी बहन अंकिता की शादी की तैयारियां चल रही थीं, जबकि छोटा भाई शिवांश इंटर की पढ़ाई कर रहा है. परिवार की जिम्मेदारियों में पिता खेती करने के साथ निजी कार भी चलाते हैं. अभिषेक भी नौकरी के साथ घर की जरूरतों में परिवार का हाथ बंटाता था.
पढ़ाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, फिर मिली पुलिस की नौकरी
अभिषेक ने इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी. मेहनत के बाद उसका चयन पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर हुआ. नौकरी मिलने के बाद भी उसने पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी. इसी दौरान उसने लेखपाल भर्ती परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली. इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल था और परिजनों को उसके करियर को लेकर काफी उम्मीदें थीं.
बहन की शादी के लिए खुद कर रहा था खरीदारी
अंकिता की शादी को लेकर घर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं. परिवार के लोग कपड़े, शादी का सामान और दूसरी जरूरी चीजें जुटाने में लगे थे. अभिषेक भी शादी की तैयारियों में पूरी तरह शामिल था. करीब एक सप्ताह पहले वह गांव आया था और बड़ी मां के साथ बहन की शादी के लिए खरीदारी की थी. परिवार के लोग शादी के दिन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अचानक हुई उसकी मौत से घर की सारी खुशियां मातम में बदल गईं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पुलिस की नौकरी के साथ भी जारी रखी पढ़ाई
इंटर के बाद अभिषेक ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी. लगातार मेहनत के बाद उसे पुलिस विभाग में सिपाही की नौकरी मिली. इसके बाद भी उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी और लेखपाल भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की. परिवार को उम्मीद थी कि आगे अभिषेक का करियर और बेहतर होगा और वह परिवार की जिम्मेदारियों में बड़ी भूमिका निभाएगा. लेकिन उसकी असामयिक मौत से परिवार की ये उम्मीदें अचानक टूट गईं.
थानेदार से अनबन की गांव में चर्चा
घटना के बाद गांव में अभिषेक और थाने के प्रभारी के बीच संबंध ठीक नहीं होने की भी चर्चा है. बताया जा रहा है कि दो दिन पहले किसी मामले के सिलसिले में अभिषेक देवरिया गया था. स्वजन ने एसपी जौनपुर से मुलाकात कर संबंधित थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है. घटना के बाद से एसओ के थाने पर नहीं होने की भी चर्चा है. फिलहाल, अभिषेक की मौत के बाद परिवार में शादी की तैयारियों की जगह मातम का माहौल है. जिस घर से कुछ दिनों बाद बहन की डोली उठनी थी, उसी घर से भाई की अर्थी उठने से हर किसी की आंखें नम हैं.
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