UP Flood: यूपी में बाढ़ का विकराल रूप, 37 जिलों में संकट, 19,496 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, नदियां उफान पर

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यूपी में बाढ़ का विकराल रूप, 37 जिलों में संकट

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UP Flood News: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट गहरा गया है, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, अब तक 19,496 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

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UP Flood News: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है.बारिश, बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने पूर्वांचल से लेकर मध्य और पश्चिमी यूपी तक चिंता बढ़ा दी है.ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए 19,496 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. वहीं, बाढ़ और बाढ़ जैसे हालात से प्रभावित जिलों की संख्या अलग-अलग आकलनों में 25 से 37 तक बतायी जा रही है.

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गंगा-घाघरा से सरयू तक बढ़ा खतरा

प्रदेश में कई नदियां अभी भी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं.बहराइच में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर है और कई मजरों में पानी पहुंच गया है.बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गयी है और करीब 60 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं. पूर्वांचल में भी हालात चिंताजनक हैं.पिछले दिनों बलिया के 48 गांव गंगा और घाघरा के बढ़े जलस्तर से प्रभावित बताए गये थे.

कानपुर में पांडु नदी ने बढ़ायी मुसीबत

कानपुर और कानपुर देहात में पांडु नदी के उफान से करीब 40 हजार लोगों के प्रभावित होने की खबर है.कई घरों में छह फुट तक पानी पहुंचने की सूचना है.एनडीआरएफ ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित निकाला है.कई संपर्क मार्ग भी पानी से प्रभावित हुए हैं.

19 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान तेज किया है.रिपोर्ट के अनुसार अब तक 19,496 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रदेश में 1,634 राहत चौकियां, 1,315 शेल्टर और 1,072 मेडिकल टीमें तैनात हैं.बचाव कार्य के लिए 2,161 नाव और मोटरबोट भी लगायी गयी हैं.

बारिश से अभी राहत नहीं, पूर्वी यूपी पर नजर

बाढ़ की स्थिति के बीच मौसम विभाग ने भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है.8 सितंबर को सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया और चित्रकूट में बारिश को लेकर विशेष निगरानी की सलाह दी गयी है.ऐसे में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में संकट और गहरा सकता है.

गांवों में बढ़ी चिंता, प्रशासन अलर्ट

बाढ़ प्रभावित इलाकों में खेतों, संपर्क मार्गों और घरों पर पानी का असर दिखाई दे रहा है.प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और कटान वाले इलाकों से दूर रहने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है.फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बारिश और नदियों का जलस्तर फिर बढ़ा तो पहले से प्रभावित गांवों में हालात और विकराल हो सकते हैं.

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