UP में बदला आधार कार्ड बनाने का नियम, इस दिन से शुरू होगी नई सुविधा, ऐसे होगा पूरा प्रोसेस
माता-पिता की जानकारी से होगा बच्चे का सत्यापन
UP Aadhaar Update: उत्तर प्रदेश में पांच साल तक के बच्चों के लिए आधार बनवाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) दिसंबर से आधार ऐप के जरिए इस सुविधा को शुरू करने जा रहा है.
UP Aadhaar Update: उत्तर प्रदेश में पांच साल तक के बच्चों का आधार बनवाने की प्रक्रिया जल्द आसान होने वाली है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) दिसंबर से आधार ऐप के जरिए बच्चों के आधार नामांकन की सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद माता-पिता मोबाइल के जरिए बच्चे के आधार के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे.
माता-पिता अपने मोबाइल से कर सकेंगे आवेदन
नई सुविधा में माता या पिता को अपने मोबाइल में आधार ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद अपने आधार की जानकारी से ऐप में लॉगिन करना होगा. ऐप में बच्चे का आधार बनाने का विकल्प मिलेगा. माता-पिता बच्चे की फोटो ऐप के जरिए क्लिक कर सकेंगे और जरूरी जानकारी दर्ज कर आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे.
माता-पिता की जानकारी से होगा बच्चे का सत्यापन
बच्चे के आधार नामांकन के लिए माता-पिता की पहचान और बायोमेट्रिक जानकारी का सत्यापन किया जाएगा. इसके आधार पर बच्चे के आधार में माता-पिता का नाम, पता और अन्य जरूरी विवरण दर्ज होंगे. प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे का आधार तैयार किया जा सकेगा और उसे डाउनलोड करने की सुविधा भी मिलेगी.
दिसंबर से शुरू होगी नई सुविधा
पांच साल तक के बच्चों का आधार बनवाने की नई सुविधा दिसंबर 2026 से शुरू होने की तैयारी है. इसके तहत माता-पिता आधार ऐप के जरिए मोबाइल से बच्चे के आधार नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे. ऐप में बच्चे की फोटो और जरूरी जानकारी दर्ज करने के साथ माता-पिता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा.
यूपी में लाखों बच्चों को मिल सकता है फायदा
प्रदेश में पांच साल तक की उम्र के करीब 2.5 करोड़ बच्चे बताए गए हैं, जबकि इनमें से लगभग 60 लाख बच्चों के ही आधार कार्ड बने हैं. ऐसे में नई सुविधा से बड़ी संख्या में परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है. UIDAI का उद्देश्य छोटे बच्चों के आधार नामांकन की प्रक्रिया को आसान और तेज करना है.
पांच साल की उम्र के बाद होगा बायोमेट्रिक अपडेट
पांच साल तक के बच्चों के आधार में फिलहाल बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज नहीं की जाती, बल्कि मुख्य रूप से फोटो ली जाती है. बच्चे के पांच साल की उम्र पूरी करने के बाद उसका बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाएगा. नई सुविधा शुरू होने से यूपी में छोटे बच्चों का आधार बनवाने के लिए अभिभावकों को होने वाली परेशानी कम हो सकती है. यह भी देखें: UP में बिजली बिल बकाया है तो हो जाएं सावधान! इन चार जिलों के 11 लाख उपभोक्ता रडार पर, घर-घर पहुंचेंगी 263 टीमें
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