UP में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से शिक्षक बना, खुली पोल तो गई नौकरी! बलिया BSA ने किया बर्खास्त

Updated:
विज्ञापन

BSA मनीष कुमार सिंह

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक शिक्षक को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी पाने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षक को नौकरी से निकालने के साथ ही FIR और वेतन वसूली के आदेश जारी किए हैं.

विज्ञापन

UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. मामले की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने बड़ा एक्शन लेते हुए सहायक अध्यापक जितेंद्र राम की सेवा समाप्त कर दी है. साथ ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने, सरकारी अभिलेख अपने कब्जे में लेने और अब तक दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली के भी निर्देश जारी किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

विज्ञापन

जनसुनवाई की शिकायत से खुला मामला

पूरा मामला बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार का है. शिकायतकर्ता त्रिभुवन नारायण सिंह ने जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष आरोप लगाया था कि सहायक अध्यापक जितेंद्र राम ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे खरवार (अनुसूचित जनजाति) का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की है, जबकि वह वास्तव में कमकर (पिछड़ा वर्ग) समुदाय से संबंधित हैं.

जाति प्रमाण पत्र की जांच में सामने आया सच

शिकायत मिलने के बाद बीएसए ने जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन तहसीलदार रसड़ा से कराया. जांच रिपोर्ट में जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी द्वारा जितेंद्र राम के भाई के खरवार जाति प्रमाण पत्र को पहले ही निरस्त किए जाने का उल्लेख मिला. इससे स्पष्ट हुआ कि जितेंद्र राम अनुसूचित जनजाति के नहीं, बल्कि कमकर जाति से हैं.

स्पष्टीकरण भी नहीं आया काम

बीएसए ने आरोपी शिक्षक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण तथ्यों पर खरा नहीं उतरा. जांच में यह माना गया कि विभाग को गुमराह कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त की गई थी.

नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त

जांच पूरी होने के बाद बीएसए ने जितेंद्र राम की नियुक्ति को नियुक्ति की तिथि से ही शून्य घोषित करते हुए सेवा समाप्त कर दी. इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी, बांसडीह को विद्यालय का पूरा कार्यभार और सरकारी अभिलेख तत्काल अपने कब्जे में लेने का निर्देश दिया गया है.

FIR और वेतन वसूली के आदेश

बीएसए ने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को तत्काल वेतन भुगतान रोकने और यदि अतिरिक्त वेतन का भुगतान हुआ है तो उसकी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के इस मामले में हुई सख्त कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. माना जा रहा है कि अब विभाग अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच तेज कर सकता है.

यह भी पढ़ें: गोरखपुर जेल से दुष्कर्म का आरोपी फरार, जेल प्रशासन से लेकर योगी की पुलिस तक मचा हड़कंप


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola