69000 शिक्षक भर्ती में फिर क्यों सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, आखिर चार साल से नियुक्ति का इंतजार क्यों?
आरक्षण की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज
UP News: 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी एक बार फिर आंदोलन पर उतर आए हैं. लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है. यह आंदोलन वर्षों से जारी है और अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं.
UP News: लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है. अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारी “आरक्षण दो, न्याय दो” की मांग उठा रहे हैं.
कई साल से चल रहा है अभ्यर्थियों का आंदोलन
69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं. अब एक बार फिर उन्होंने लखनऊ की सड़कों पर प्रदर्शन शुरू किया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक समाधान नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
अभ्यर्थियों के मुताबिक, 69000 शिक्षक भर्ती मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 सितंबर को निर्धारित है. उनका आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में उन अभ्यर्थियों का पक्ष नहीं रख रही है, जिनकी नियुक्ति के लिए चयन सूची करीब चार साल पहले जारी हो चुकी है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इसी चयन सूची के आधार पर 6800 ओबीसी और दलित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलना था, लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी है.
2022 में जारी हुई थी 6800 अभ्यर्थियों की सूची
अयोध्या से प्रदर्शन में शामिल हुईं अर्चना शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी. इसके बाद 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी. हालांकि, सूची जारी होने के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं मिली है.
अभ्यर्थियों ने विभाग पर लगाया पैरवी न करने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग उनकी चार साल पहले जारी हुई सूची को लेकर एक बार भी पैरवी नहीं कर रहा है. उनके मुताबिक, इससे अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है.
मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हुई तो सामूहिक भूख हड़ताल
आंदोलन में शामिल यशवंत ने कहा कि आज से शुरू हुआ यह आंदोलन अब लगातार जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कराई गई तो सभी लोग मिलकर सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे. प्रदर्शन के दौरान गंगा शरण, नजमा, अमर मौर्य, चंदन, संजय और संगम निषाद समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे.
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