क्या 13 साल बाद यूपी के 497 चयनित प्रधानाचार्यों को मिलेगी खुशखबरी? हाई कोर्ट के आदेश से अब नियुक्ति का रास्ता साफ?

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उप्र माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड में 497 प्रधानाचार्यों की नियुक्ति का रास्ता साफ

UP News: उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य बनने का इंतजार कर रहे 497 अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अटकी नियुक्ति प्रक्रिया अब आगे बढ़ने वाली है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित प्रधानाचार्यों को कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए हैं.

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UP News: उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य बनने का इंतजार कर रहे 497 चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत सामने आई है. लंबे समय से अटकी नियुक्ति प्रक्रिया अब आगे बढ़ने वाली है. हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने चयनित प्रधानाचार्यों को संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं. अब पहले पैनल का सत्यापन होगा और इसके बाद नियमों के मुताबिक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

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हाई कोर्ट के आदेश के बाद खुला नियुक्ति का रास्ता

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के विज्ञापन संख्या 03/2013 के तहत 18 मंडलों के लिए कुल 497 संस्था प्रधानों (प्रधानाचार्यों) का चयन हुआ था. लेकिन भर्ती से जुड़ा मामला अदालत पहुंचने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई थी. अब 31 जुलाई 2026 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद स्थिति बदल गई है. इसी के आधार पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

पहले क्यों अटकी थी कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया?

इस भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2013 में जारी किया गया था. मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद निदेशालय ने दिसंबर 2022 में चयनित प्रधानाचार्यों को आवंटित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने पर रोक लगा दी थी. इसके साथ ही ऐसे चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी भी मांगी गई थी, जिन्होंने हाई कोर्ट के यथास्थिति संबंधी आदेश से पहले ही अपने आवंटित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था.

कोर्ट ने पुराने फैसले को किया निरस्त

इस मामले में श्याम शंकर उपाध्याय व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य की विशेष अपीलों पर हाई कोर्ट ने 31 जुलाई 2026 को आदेश दिया. न्यायालय ने संबंधित विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए पहले दिए गए फैसले को निरस्त कर दिया. हालांकि कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट की है. यदि किसी चयनित व्यक्ति की नियुक्ति में व्यक्तिगत स्तर पर कोई अनियमितता या कानूनी कमी है, तो उस नियुक्ति को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अलग से चुनौती दी जा सकती है.

18 मंडलों में पैनल का होगा सत्यापन

अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी 18 मंडलों के 497 चयनित प्रधानाचार्यों के पैनल का सत्यापन कराया जाएगा. यह पैनल तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जारी किया गया था. जिला विद्यालय निरीक्षकों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की वेबसाइट से पैनल का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं. सत्यापन के बाद चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित एडेड माध्यमिक विद्यालयों में नियमानुसार कार्यभार ग्रहण कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी.

चयन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड होगा पुराना पैनल

शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भी विज्ञापन संख्या 03/2013 के तहत 18 मंडलों के सभी 497 संस्था प्रधानों का पुराना पैनल अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है. इससे पैनल के सत्यापन और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने में सुविधा होगी.

कार्यभार संभालने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी

निदेशालय ने अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को कार्यभार ग्रहण करने वाले सभी संस्था प्रधानों की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए हैं. यह सूचना बाद में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराई जाएगी. इस तरह पैनल सत्यापन से लेकर कार्यभार ग्रहण करने तक की प्रक्रिया पर विभागीय स्तर से निगरानी रखी जाएगी.

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