'पापा, माफ कर देना...' 50 से ज्यादा कोशिशों के बाद टूटा गोल्ड मेडलिस्ट का सपना, सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा परिवार

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मृतक गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार को सम्मानित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का फाइल फोटो  (सोशल मीडिया)

मृतक गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार को सम्मानित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का फाइल फोटो (सोशल मीडिया)

UP News: कानपुर में B.Tech गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार ने सरकारी नौकरी के दबाव में आत्महत्या कर ली. 50 से अधिक प्रयास विफल होने पर उन्होंने पिता से माफी मांगते हुए सुसाइड नोट छोड़ा. यह घटना एक युवा के करियर संघर्षों पर प्रकाश डालती है.

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UP News: पापा... मुझे माफ करना, मैं सफल नहीं हो पाया. मैं भी भाई-बहन की तरह सरकारी नौकरी करना चाहता था. नौकरी पाने के लिए 50 से ज्यादा प्रयास किए... इन शब्दों के साथ छोड़े गए एक सुसाइड नोट ने कानपुर के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. राज्यपाल के हाथों सम्मानित B.Tech गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार (23) अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपने करियर को लेकर लंबे समय से किए गए लगातार संघर्षों का जिक्र करते हुए अपने पिता से माफी मांगी है. पुलिस के अनुसार, आनंद लंबे समय से सरकारी नौकरी न मिलने को लेकर मानसिक तनाव में था.

कौन थे आनंद कुमार

कानपुर जिले के गोविंदनगर थाना क्षेत्र स्थित गुजैनी जे-ब्लॉक निवासी आनंद कुमार पढ़ाई में बेहद मेधावी थे. उन्होंने भौंती स्थित पीएसआईटी कॉलेज से वर्ष 2024 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया था. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अगस्त 2024 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था. उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों की मेरिट सूची में भी उल्लेखनीय स्थान हासिल किया था.

सरकारी नौकरी पाने का था सपना

परिजनों के अनुसार आनंद सरकारी नौकरी करना चाहते थे और इसके लिए लगातार तैयारी कर रहे थे. उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी. इसी वजह से वह पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे. परिवार का कहना है कि वह अपने बड़े भाई और बहन की तरह सरकारी सेवा में जाना चाहते थे.

घर में अकेले थे आनंद

घटना के समय आनंद घर में अकेला था. उनके पिता राजकुमार गुप्ता और परिवार के अन्य सदस्य बड़े बेटे के विवाह के सिलसिले में बिहार गए हुए थे. शुक्रवार शाम जब घरेलू सहायिका घर पहुंची और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो उसने परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस को बुलाया गया.

पुलिस को मिला नोट

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर जांच की. कमरे से एक हस्तलिखित नोट बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं. अधिकारियों के अनुसार नोट में करियर और नौकरी को लेकर निराशा व्यक्त की गई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है.

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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