National Teacher Award: यूपी के शिक्षकों ने बदली शिक्षा की तस्वीर, इनको मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार,आज राष्ट्रपति ने किया सम्मानित...

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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित यूपी के शिक्षक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से उत्तर प्रदेश के पांच उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया. ये शिक्षक उच्च शिक्षा, रसायन विज्ञान, कला, डिजिटल लर्निंग और STEM में अपने उल्लेखनीय कार्यों के लिए पहचाने गए.

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National Teacher Award 2026: शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का क्षण सामने आया. नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदेश के पांच शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया. सम्मान पाने वालों में उच्च शिक्षा, रसायन विज्ञान, कला शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और STEM शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले शिक्षक शामिल हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की.

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25 साल की शिक्षण यात्रा में शोध का योगदान

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के Institute of Management Studies के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मैनेजमेंट शिक्षा और शोध में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान मिला. करीब 25 वर्षों की उनकी शिक्षण यात्रा में शोध को विशेष स्थान रहा है. उनके 50 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं. उनका अकादमिक योगदान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी माना गया है.

रसायन विज्ञान की पढ़ाई को बनाया प्रभावी

IIT कानपुर के Department of Chemistry के प्रोफेसर शंकर प्रसाद रथ को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया. रसायन विज्ञान में उनके शोध और प्रभावी शिक्षण पद्धति को सम्मान का आधार बनाया गया. विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने में उनके प्रयासों की सराहना की गई.

कला से सामाजिक जागरूकता तक बढ़ाया दायरा

बलिया के जगदीशपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक डॉ. इफ्तिखार खान ने शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से आगे ले जाने का काम किया. उन्होंने निःशुल्क रविवार कला कक्षाओं के जरिए विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा दिया. सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी उन्होंने पहल की. उनके इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली.

AI और डिजिटल संसाधनों से बदली पढ़ाई की तस्वीर

कौशाम्बी के कम्पोजिट स्कूल रसूलाबाद, कोलाहा की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा ने तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों को पढ़ाई से जोड़ा. उन्होंने डिजिटल संसाधनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का इस्तेमाल कर सीखने की प्रक्रिया को आसान और रोचक बनाया. उनके प्रयासों से विद्यालय को ‘निपुण विद्यालय’ की पहचान मिली.

60 गांवों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा

गाजियाबाद के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, विजयनगर की डॉ. रेनू त्रिपाठी को भी यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला. उन्होंने करीब 60 गांवों के ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया. STEM शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब्स और कम लागत वाली शिक्षण सामग्री के जरिए उन्होंने बच्चों में नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया.

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