5 हजार साल पुराना वो राज! पहली भागवत कथा किसने और किसे सुनाई थी? CM योगी ने बताया
5 हजार साल पुरानी पहली भागवत कथा का इतिहास, CM योगी ने बताया
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली में भागवत कथा के 5000 साल पुराने इतिहास का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे उत्तर प्रदेश 'भागवत भूमि' रहा है और कैसे आस्था ने भारत को जोड़ा है.
UP News: रायबरेली में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भागवत कथा के प्राचीन इतिहास का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि करीब 5 हजार साल पहले उत्तर प्रदेश को भागवत भूमि कहा जाता था. इसी धरती के शुकतीर्थ में शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को पहली भागवत कथा सुनाई थी. CM योगी ने इस दौरान भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा में आस्था की भूमिका पर भी बात की. उत्तर प्रदेश की धरती का धार्मिक और आध्यात्मिक इतिहास काफी पुराना है. रायबरेली में कथा कार्यक्रम के दौरान CM योगी ने इसी विरासत की चर्चा की. उन्होंने भागवत कथा के प्रसंग से लेकर नैमिषारण्य के ऋषियों और देश की सांस्कृतिक एकता तक कई बातें कहीं.
शुकतीर्थ में सुनाई गई थी पहली भागवत कथा
CM योगी ने कहा कि करीब 5 हजार साल पहले उत्तर प्रदेश को भागवत भूमि कहा जाता था. इसी धरती के शुकतीर्थ में शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को पहली भागवत कथा सुनाई थी. उन्होंने कहा कि भागवत कथा की यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही. इसने लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
आस्था ने भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़े रखा
CM योगी ने कहा कि भारत की एकता केवल राजनीतिक सीमाओं से तय नहीं होती. देश की सांस्कृतिक एकता आस्था की मजबूत कड़ियों से जुड़ी है. उन्होंने हिमालय से दक्षिण के रामेश्वरम तक मौजूद ज्योतिर्लिंगों का उदाहरण दिया. कहा कि तमिलनाडु के श्रद्धालुओं में महादेव के प्रति जैसी श्रद्धा है, वही भाव उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर और महाराष्ट्र तक देखने को मिलता है.
अवध में हनुमान भक्ति की अपनी पहचान
अवध क्षेत्र का जिक्र करते हुए CM योगी ने हनुमान जी की भक्ति की महिमा बताई. उन्होंने कहा कि रामायण में प्रभु की अनन्य भक्ति के कारण हनुमान जी संसार में पूज्य बने. उन्होंने कहा कि आज हर सनातनी हनुमान जी की पूजा करके खुद को धन्य मानता है. इसी तरह शिव सनातन की सबसे बड़ी पूंजी हैं. वे लोकमंगल के देवता हैं और लोककल्याण के लिए विष तक धारण कर चुके हैं.
आस्था पर चोट के बावजूद नहीं टूटी परंपरा
CM योगी ने मध्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक कमजोरियों के कारण देश को विदेशी आक्रांताओं का सामना करना पड़ा. इस दौरान धर्मस्थलों और आस्था को भी चोट पहुंचाई गई. इसके बावजूद व्यासपीठ से गूंजती पावन कथाओं ने सांस्कृतिक एकता को टूटने नहीं दिया. कठिन दौर में भी धार्मिक कथाओं ने लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़े रखा.
नैमिषारण्य के 88 हजार ऋषियों का भी जिक्र
CM योगी ने उत्तर प्रदेश को ज्ञान की तपोभूमि बताया. उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों ने तप किया. इन ऋषियों ने ज्ञान की धारा को पुराणों में सुरक्षित किया. यह ज्ञान आज भी समाज के काम आ रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक इस धरती पर ऐसी पावन कथाएं चलती रहेंगी, सनातन की पताका झुकने नहीं पाएगी. उन्होंने कहा कि जब तक यह ध्वज ऊंचा रहेगा, तब तक भारत का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता.
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