Navratri 2022: सैकड़ों वर्ष पूर्व गंगा की धारा में मिली थी काली मां की प्रतिमा
Author Prabhat khabar digital desk
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शारदीय नवरात्र प्रारम्भ हो गया. चारों तरफ मां जगत जननी पूजा आराधना शुरू हो गई. माता के मंदिरो में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी जा रही है. जिले के चकिया में स्थित शक्तिपीठ मां काली मंदिर में भी श्रद्धा का संगम देखने को मिल रहा है.
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Navratri 2022: जिले के चकिया में स्थित शक्तिपीठ मां काली मंदिर में भी श्रद्धा का संगम देखने को मिल रहा है. हजारों की तादात में चकिया समेत पूर्वी बिहार, मिर्ज़ापुर, और दूर-दराज से श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगाने के साथ ही माथा टेक मनौती पूरी करने के लिए आ रहे है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मां काली जी के ऐतिहासिक मंदिर स्थल मेले के रूप में तब्दील हो गया है. शक्ति स्वरूपा मां काली जी के प्रति श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा देखते ही बनती है. यहां शारदीय नवरात्र में मुंडन संस्कार सहित कथा पुराण के नियमित आयोजन होते हैं.
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