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Breaking News : अजमेर में धार्मिक कार्यक्रम के लिए जुटे 100 लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ा, 6 गिरफ्तार

Updated at : 01 Apr 2020 2:28 PM (IST)
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Breaking News : अजमेर में धार्मिक कार्यक्रम के लिए जुटे 100 लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ा, 6 गिरफ्तार

police dispersed religious gathering in rajasthan amid nizamuddin crisis 6 arrested जयपुर : देश भर में बंद के बावजूद राजस्थान के अजमेर जिले के सरवाड़ कस्बे में एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए 100 से अधिक लोग एकत्रित हुए, जिसके बाद उन्हें हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. घटना मंगलवार की है. धार्मिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्रित होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

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जयपुर : देश भर में बंद के बावजूद राजस्थान के अजमेर जिले के सरवाड़ कस्बे में एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए 100 से अधिक लोग एकत्रित हुए, जिसके बाद उन्हें हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. घटना मंगलवार की है. धार्मिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्रित होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

परंपरा के अनुसार, सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर दरगाह के खादिम हर साल सरवाड़ की इस दरगाह में चादर चढ़ाते हैं. अजमेर के पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा कि पुलिस ने इस उद्देश्य के लिए पांच व्यक्तियों को अनुमति दी थी, लेकिन बाद में कई अन्य लोग भी सरवाड़ की दरगाह में शामिल हो गये.

जब पुलिस ने बाकी लोगों को वहां से जाने को कहा, तो वे बहस करने लगे और इसके बाद उनकी पुलिस से भिड़ंत हो गयी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके उन्हें वहां से खदेड़ा और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

तबलीगी जमात में शामिल राजस्थान के 22 लोगों को पृथक किया गया

इधर, दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में राजस्थान के चुरु जिले के 18 लोग और टोंक जिले के चार लोगों सहित 22 लोग शामिल हुए थे. इन सभी को पृथक रखा गया है. यह जानकारी एक अधिकारी ने दी.

अधिकारियों ने भाग लेने वालों के अपने-अपने जिलों में पहुंचने के बारे में सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पृथक इकाई में भेज दिया और उनके नमूनों को कोरोना वायरस की जांच के लिए भेज दिया गया है.

चुरु जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया, ‘हरियाणा के नौ लोग चुरु के मदरसे में ठहरे हुए थे, जबकि राज्य के नौ अन्य लोग सरदारशहर कस्बे में अपने-अपने घरों में थे. हमने सभी को पृथक इकाई में भेज दिया है.’

उन्होंने बताया कि ये लोग 18 मार्च और 22 मार्च के बीच राजस्थान वापस आये थे. इन्हें सरदारशहर और राजलदेसर में पृथक सुविधा कंद्रों में भेज दिया गया है. अन्य लोग, जो इनके संपर्क में आये थे, उन्हें घर में पृथक रखा गया है. इन सभी लोग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन में शामिल हुए थे.

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कहा कि धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले 24 लोगों में वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. चार अन्य लोग टोंक जिले में पिछले दो दिन पहले आये थे. टोंक जिला कलेक्टर किशोर कुमार शर्मा ने बताया कि हमने दिल्ली के तबलीगी जमात कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पिछले दो दिनों में लौटे चार लोगों को पृथक कर दिया है.

कलेक्टर ने कहा कि उनके नमूने ले लिये गये हैं. उन्हें जांच के लिये भेजा गया है. उन्होंने बताया कि टोंक के 14 अन्य लोगों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया था, लेकिन वो 3 मार्च को लौटे थे. सभी की पहचान कर ली गयी है.

वहीं, राजस्थान के जमात-ए-इसलामी हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद नाजिमुद्दीन ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज को निशाना बना रहा है.

उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात के जिम्मेदारों द्वारा बताया गया है कि उन्होंने प्रशासन से समय रहते वहां से निकलने के लिए मदद मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने मदद देने में लापरवाही की.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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