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भिवाड़ी यौन उत्पीड़न मामला : प्रिंसिपल समेत 15 शिक्षकों पर केस दर्ज, जांच के लिए अलवर पहुंची एनसीपीसीआर की टीम

शुरुआती जांच में पुलिस ने इस बात की आशंका जाहिर की है कि यह स्कूल के पूर्व शिक्षक द्वारा बदला और उत्पीड़न से जुड़ा मामला हो सकता है. उक्त शिक्षक को पिछले साल दिसंबर महीने में तीन छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
भिवाड़ी के एसपी राम मूर्ति जोशी.
भिवाड़ी के एसपी राम मूर्ति जोशी.
फोटो : ट्विटर.

नई दिल्ली/जयपुर : राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित एक स्कूल में तथाकथित तौर पर चार नाबालिग बच्चियों के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न के मामले में प्रिंसिपल समेत 15 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इसके साथ ही, गुरुवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की एक टीम अलवर पहुंच गई है. भिवाड़ी के एसपी राम मूर्ति जोशी ने मीडिया को बताया कि अलवर जिले के भिवाड़ी में 4 स्कूली छात्राओं ने स्कूल शिक्षकों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि हमने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दिया है.

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, अलवर जिले के भिवाड़ी के मांढण थाना क्षेत्र में रायसना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से नाबालिगों से तथाकथित पर सामूहिक दुष्कर्म और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार मांढण पुलिस थाने में छात्राओं की ओर से तीन मुकदमे दर्ज करने के बाद प्रिंसिपल और 5 महिला समेत 14 शिक्षकों पर आईपीसी और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉस्को एक्ट) में मामला दर्ज कर लिया गया है.

शुरुआती जांच में पुलिस ने इस बात की आशंका जाहिर की है कि यह स्कूल के पूर्व शिक्षक द्वारा बदला और उत्पीड़न से जुड़ा मामला हो सकता है. उक्त शिक्षक को पिछले साल दिसंबर महीने में तीन छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता नाबालिग बच्चियों ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है. उन्होंने मीडिया को बताया कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. उन्होंने बताया कि अलवर के भिवाड़ी के मांढण थाने में मंगलवार रात पांच महिला सहित 15 शिक्षकों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने बताया कि स्कूल के पूरे स्टाफ को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्या मामला गवाहों के उत्पीड़न का लगता है. उन्होंने कहा कि स्कूल के एक निलंबित शिक्षक को पिछले साल दिसंबर में तीन छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच चल रही है और पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. बीती रात प्राथमिकी में दर्ज किए सभी कर्मचारियों ने उस शिक्षक के खिलाफ बयान दिया था. निलंबित शिक्षक को हाल ही में जमानत मिली हैं.

उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि शिक्षक ने पांच छात्राओं के परिवार के सदस्यों को स्कूल के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिये राजी किया और वह उन्हें इस उद्देश्य से मंगलवार रात थाने ले गया. हालांकि, वह स्वयं थाने में नहीं गया. उन्होंने बताया कि मैंने गांव में जाकर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों से बात की. प्राथमिक जांच के आधार पर यह गवाहों के उत्पीडन का मामला प्रतीत होता है.

मांढ़ण के थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़कियों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक, महिला शिक्षिका की मदद से उनके साथ दुष्कर्म करते थे. अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. उन्होंने कहा कि एक प्राथमिकी में पीड़ित दो बहनें हैं, जबकि अन्य दो मामलों में एक-एक पीड़ित है. वहीं, पुलिस के आला अधिकारी बुधवार को स्कूल और गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बात की. पुलिस के अनुसार,'पूर्व शिक्षक की भूमिका सामने आई है. आशंका है कि उसने कर्मचारियों के खिलाफ साजिश रची.

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