उद्घाटन हो गया, संचालन की व्यवस्था नहीं.. जानें आखिर क्यों 53 लाख का शौचालय 5 महीने से बंद

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बंद पड़ा शौचालय

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यात्रियों की सुविधा के लिए गेल इंडिया के सहयोग से करीब 53 लाख रुपये की लागत से बनाया गया आधुनिक शौचालय उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद बंद हो गया.

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झारसुगुड़ा: दूरदृष्टि और पूर्व नियोजन के अभाव में जनहित की योजनाएं किस तरह प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ जाती हैं, इसका उदाहरण झारसुगुड़ा के नये बस स्टैंड में देखने को मिल रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए गेल इंडिया के सहयोग से करीब 53 लाख रुपये की लागत से बनाया गया आधुनिक शौचालय उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद बंद हो गया. पिछले पांच महीने से शौचालय पर ताला लटका है. इससे प्रतिदिन बस स्टैंड आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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12 नवंबर 2025 को हुआ था उद्घाटन

विधायक टंकधर त्रिपाठी ने 12 नवंबर 2025 को शौचालय का उद्घाटन किया था. उद्घाटन के समय इसे पूरी तरह निःशुल्क रखने और स्वच्छता को प्राथमिकता देने की बात कही गयी थी. इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को सौंपे जाने की बात भी सामने आयी थी. लेकिन उद्घाटन के पांच महीने बाद भी संस्था को आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी हस्तांतरित नहीं की गयी.

नतीजा यह है कि लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गयी सुविधा का लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है. शौचालय बंद रहने से यात्रियों को खुले में शौच अथवा अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है.

संचालन की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने सवाल उठाया है कि जब योजना पर 53 लाख रुपये खर्च किये गये, तो इसके स्थायी संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं तय की गयी? लोगों का कहना है कि उद्घाटन के बाद जिम्मेदारी हस्तांतरण नहीं होना प्रशासनिक तालमेल की कमी को दर्शाता है.

इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष रानी हाथी ने कहा कि शौचालय के संचालन से जुड़ी समस्या को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है.

तत्काल शुरू कराने की मांग

शौचालय बंद रहने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है. लोगों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर शौचालय को दोबारा शुरू कराने की मांग की है. साथ ही नियमित सफाई और रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गयी है, ताकि लाखों रुपये की लागत से तैयार जनसुविधा यूं ही बेकार न पड़ी रहे.

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