ओरंगुटान के रहस्य को लेकर राजनीति बहसबाजी तेज, बीजद ने बहु-एजेंसियों से जांच की मांग की, भाजपा ने किया खारिज

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ओरंगुटान (फाइल फोटो).

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ओडिशा के बालेश्वर में मिले पांच ओरंगुटान को लेकर राजनीति तेज. बीजद ने केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की, भाजपा ने इसे राजनीति न करने की सलाह दी.

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भुवनेश्वर : ओडिशा के बालेश्वर में एक जंगल से पांच ओरंगुटान मिलने की घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक बहसबाजी तेज होती जा रही है. जहां एक तरफ विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने शनिवार को मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) और खुफिया ब्यूरो (आइबी) जैसी कई एजेंसियों से उच्च-स्तरीय जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इससे देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा में गंभीर चूक का पता चलता है. वहीं भाजपा ने मांग को खारिज करते हुए कहा कि हर चीज का राजनीतिकरण न करें.

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मामला सिर्फ वन्यजीवों से जुड़ी जांच तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए : दास

भोगराई से बीजद विधायक गौतम बुद्ध दास ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि ओडिशा पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) को इन जानवरों की कथित तस्करी की जांच जारी रखनी चाहिए, लेकिन यह मामला सिर्फ वन्यजीवों से जुड़ी जांच तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. दास ने सवाल उठाया कि अगर सुरक्षा एजेंसियां गैर-कानूनी सामान की आवाजाही पर प्रभावी ढंग से नजर रख रही थीं, तो जिंदा ओरंगुटान को कई राज्यों से होते हुए भोगराई तक कैसे लाया जा सका.

आपत्तिजनक सामान भी बालेश्वर पहुंच सकते हैं

उन्होंने कहा कि अगर जिंदा ओरंगुटान को आसानी से बालेश्वर के भोगराई तक लाया जा सकता है, तो आतंकवादी, हथियार, नकली नोट, मादक पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामान भी आसानी से बालेश्वर पहुंच सकते हैं, जहां संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठान हैं. दास ने कहा कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य के वन मंत्री ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी का मामला बताया है, इसलिए इसकी जांच का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि घटना के सामने आने के पांच दिन बाद भी जांचकर्ताओं ने न तो किसी को हिरासत में लिया है और न ही उन गाड़ियों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जानवरों को लाने-ले जाने में किया गया था. दास ने कहा कि ऐसी संभावना है कि ओरंगुटान को समुद्री रास्ते से भारत लाया गया होगा और उन्होंने पूर्वी तट पर समुद्री थानों को मजबूत करने की मांग की.

एसटीएफ और डब्ल्यूसीसीबी पेशेवर एजेंसियां, कर रहीं जांच

हालांकि, राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि एसटीएफ और डब्ल्यूसीसीबी पेशेवर एजेंसियां हैं और वे अपनी जांच कर रही हैं. भाजपा विधायक इरासिस आचार्य ने पत्रकारों से कहा कि संयुक्त जांच से दोषियों को पकड़ने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी. कृपया हर चीज का, जिसमें ओरंगुटान का मामला भी शामिल है, राजनीतिकरण न करें.

जयराम रमेश ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी की आशंका जतायी

पूर्व केंद्रीय वन मंत्री जयराम रमेश ने भी इस मामले में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी की आशंका जतायी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्तचरण दास ने कहा कि ओरंगुटान मूल रूप से भारत के नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी तस्करी करके उन्हें बालेश्वर में छोड़ दिया गया था.

इंडोनेशिया ने ओरंगुटान को वापस ले जाने के लिए शुरू किया काम

इंडोनेशिया ओडिशा में पाये गये ओरंगुटान के पांच बच्चों को स्वदेश वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. सरकारी समाचार एजेंसी ‘अंतारा’ की खबर के अनुसार, इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि इन ओरंगुटान के मिलने के बाद से ही उनकी सरकार भारत के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है. मंत्रालय के जनसंपर्क और विदेशी सहयोग ब्यूरो के प्रमुख रिसतियांतो प्रिबादी ने एक बयान में कहा कि इनकी शारीरिक विशेषताओं के प्रारंभिक अवलोकन के आधार पर पांचों जानवरों के सुमात्रा ओरंगुटान होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि पहचान अभी प्रारंभिक चरण में है और वैज्ञानिक अधिकारी इनकी प्रजाति और आनुवंशिक उत्पत्ति की पुष्टि के लिए डीएनए जांच करेंगे.

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