एआइ और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाएं, लेकिन मानवीय गुणों को ना भूलें : प्रो अभय करंदीकर
छात्रा को डिग्री प्रदान करते प्रो अभय करंदीकर.
एनआईटी राउरकेला के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रो अभय करंदीकर ने छात्रों को एआई के साथ मानवीय मूल्यों और नैतिक निर्णय लेने की सीख दी। जानें पूरी खबर।
राउरकेला : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी), राउरकेला के 24वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य प्रो अभय करंदीकर ने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की अपनी यात्रा के एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और आप वह पीढ़ी हैं, जो इस भविष्य को आकार देगी. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाएं, लेकिन विज्ञान और इंजीनियरिंग की बुनियादी अवधारणाओं तथा जिज्ञासा, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन और नैतिक निर्णय जैसे मानवीय गुणों को कभी न भूलें.
24वें दीक्षांत समारोह में 2033 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
शनिवार को आयोजित समारोह में कुल 2033 विद्यार्थियों के बैच ने स्नातक उपाधि प्राप्त की, जिसमें 508 छात्राएं और 1525 छात्र शामिल हैं. प्रो करंदीकर ने कहा कि अपने ज्ञान का उपयोग स्वयं से बड़े उद्देश्य के लिए करें. निरंतर सीखते रहें, जिम्मेदारी के साथ नवाचार करें और अपने ज्ञान का उपयोग वास्तविक मानवीय समस्याओं के समाधान तथा सार्थक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने में करें. एक सफल करियर महत्वपूर्ण है, लेकिन एक सार्थक जीवन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है. उद्देश्यपूर्ण ढंग से आगे बढ़ें, विनम्रता के साथ सेवा करें और अपनी उपलब्धियों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लायें.
चरित्र ही आपकी सफलता का वास्तविक पैमाना होगा : प्रो सुबुधि
समारोह में एनआइटी वारंगल के निदेशक प्रो बिद्याधर सुबुधि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि सुविधा के बजाय उत्कृष्टता, अल्पकालिक सफलता के बजाय ईमानदारी, आत्मसंतुष्टि के बजाय आजीवन सीखने, अलगाव के बजाय सहयोग और प्रतिष्ठा के बजाय उद्देश्य को चुनें. आपका पदक या डिग्री आपकी पिछली उपलब्धियों को मान्यता देती है, लेकिन आने वाले समय में आपका चरित्र ही आपकी सफलता का वास्तविक पैमाना होगा.
निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता, ईमानदारी और उत्कृष्टता को अपनाना आवश्यक
एनआइटी राउरकेला के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि जब स्नातक एआइ, डिजिटलाइजेशन, स्थिरता और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों से आकार ले रही दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, तब आप सभी के लिए निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता, ईमानदारी और उत्कृष्टता को अपनाना आवश्यक है. भारत इस समय अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहां मजबूत आर्थिक विकास के साथ इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उद्यमिता के क्षेत्रों में अभूतपूर्व अवसर उभर रहे हैं. तेजी से हो रहा डिजिटल और एआइ परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ता रुझान तथा ऑटोमेशन का बढ़ता उपयोग उद्योगों को नया स्वरूप दे रहे हैं और युवा पीढ़ी के लिए व्यापक संभावनाएं पैदा कर रहे हैं.
केवल समस्याओं की पहचान न करें, बल्कि समाधान खोजने वाला बनें : निदेशक
संस्थान की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए एनआइटी राउरकेला के निदेशक प्रो के उमामहेश्वर राव ने कहा कि जब आप वास्तविक दुनिया में प्रवेश करेंगे, तो आपको जटिलताओं और अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ेगा, लेकिन इन्हीं चुनौतियों को आपको रचनाकार, समस्या-समाधानकर्ता और नेतृत्वकर्ता बनाना चाहिए. केवल समस्याओं की पहचान न करें, बल्कि समाधान खोजने वाला बनें. प्रो राव ने कहा कि आप ऐसी पीढ़ी हैं जिसकी उंगलियों पर तकनीक है, सोच में नवाचार है और दिल में भारत है. उत्कृष्टता, ईमानदारी और सेवा के उन मूल्यों को आगे बढ़ायें, जो एनआइटी राउरकेला ने आप में विकसित किये हैं और अपने ज्ञान का उपयोग सार्थक प्रभाव पैदा करने के लिए करें. राष्ट्र आपकी सोच, आपके साहस और आपकी प्रतिबद्धता पर भरोसा कर रहा है.
किस विभाग में कितनी डिग्रियां और कौन से पदक प्रदान किये गये
एनआइटी राउरकेला के 24वें दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए संस्थान ने वर्ष 2026 के स्नातक बैच को 11 संस्थान स्वर्ण पदक, 06 एंडोमेंट स्वर्ण पदक, 08 एंडोमेंट पुरस्कार और 61 संस्थान रजत पदक प्रदान किये. वहीं बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी में 911 (188 छात्राएं एवं 723 छात्र), बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में 18 (07 छात्राएं एवं 11 छात्र), ड्यूल डिग्री बी-टेक एवं एम-टेक में 42 (02 छात्राएं एवं 40 छात्र), बैचलर ऑफ साइंस (इंटीग्रेटेड मल्टीप्ल एंट्री-एग्जिट) 10 (सभी छात्र), इंटीग्रेटेड मास्टर ऑफ साइंस 77 (10 छात्राएं एवं 67 छात्र), मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी 514 (116 छात्राएं एवं 398 छात्र), मास्टर ऑफ साइंस (2 साल) में 182 (74 छात्राएं एवं 108 छात्र), मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में 67 (27 छात्राएं एवं 40 छात्र), मास्टर ऑफ आर्ट्स में 19 (9 छात्राएं एवं 10 छात्र), मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (रिसर्च) में 01 छात्र, पीएचडी में 190 (75 छात्राएं एवं 115 छात्र), एग्जीक्यूटिव पीएचडी में 02 छात्र को डिग्रियां प्रदान की गयीं. समारोह का एक अन्य उल्लेखनीय पहलू विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों से 47 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का स्नातक होना रहा. इनमें नेपाल के 19, बांग्लादेश के 13, संयुक्त राज्य अमेरिका के छह, श्रीलंका के पांच, भूटान के तीन और यमन का एक विद्यार्थी शामिल हैं.
राजर्षि गुप्ता और ज्ञानरंजन मोहंती को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार
24वें दीक्षांत समारोह में एनआइटी राउरकेला के दो पूर्व छात्रों राजर्षि गुप्ता (प्रबंध निदेशक एवं सीइओ, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड) को उद्योग एवं प्रबंधन तथा ज्ञानरंजन मोहंती (प्रबंध निदेशक, कोरोशन प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड तथा को-फाउंडर, बी इंजीनियर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड) को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किया गया.
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