ओडिशा में धान बिक्री के लिए रिकॉर्ड 21.42 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण : मंत्री

Updated:
विज्ञापन

ओडिशा के सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

ओडिशा में धान बिक्री के लिए रिकॉर्ड 21.42 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब पंजीकरण की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

विज्ञापन

भुवनेश्वर : ओडिशा में चालू खरीफ सीजन के दौरान सरकारी स्तर पर धान बेचने के लिए रिकॉर्ड 21,42,723 किसानों ने पंजीकरण कराया है. सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत ने सोमवार को यह जानकारी दी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि धान बिक्री के लिए किसानों के पंजीकरण की समयसीमा अब आगे नहीं बढ़ायी जायेगी. किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही पंजीकरण के लिए अतिरिक्त सात दिन का समय दिया था.

विज्ञापन

पिछले साल 19.67 लाख किसानों ने कराया था पंजीकरण

मंत्री ने बताया कि सोमवार रात 1:00 बजे के बाद पंजीकरण की अवधि स्थायी रूप से समाप्त हो जायेगी. सामंत ने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री के लिए लगभग 19.67 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था. इस वर्ष यह आंकड़ा 21 लाख को पार कर गया है, जो राज्य में अब तक का सर्वाधिक पंजीकरण है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है. साथ ही, मंत्री ने पंजीकरण के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा आंदोलन की चेतावनी पर भी सवाल उठाया. सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरकार राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में ओडिशा में करीब 24,400 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है. उर्वरक वितरण में लापरवाही बरतने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर संबंधित डीलरों के लाइसेंस निलंबित करने से लेकर रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है.

ओडिशा के शहरों में जर्जर और असुरक्षित इमारतें होंगी ध्वस्त : मंत्री

दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल ही में हुई इमारत दुर्घटना में सात लोगों की मौत के बाद ओडिशा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है. आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि शहरों में स्थित कमजोर और जर्जर सरकारी भवनों की पहचान कर उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है. वहीं, संरचनात्मक रूप से असुरक्षित पाए जाने वाले निजी भवनों को भी गिराने के लिए नोटिस जारी किये जायेंगे. मीडियाकर्मियों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि राज्य के कई जर्जर स्कूल भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों को ध्वस्त करने के लिए पहले ही नोटिस जारी किये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि शहरी सीमा के भीतर स्थित असुरक्षित भवनों को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. साथ ही, भवनों की स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है. महापात्र ने कहा कि हम इस मामले पर कड़ी नजर रख रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि संरचनात्मक रूप से कमजोर भवनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola