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IIT Bombay के छात्र की मौत के एक महीने बाद पुलिस का दावा, कमरे से मिला सुसाइड नोट

Updated at : 27 Mar 2023 10:26 PM (IST)
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IIT Bombay के छात्र की मौत के एक महीने बाद पुलिस का दावा, कमरे से मिला सुसाइड नोट

IIT Bombay में इस वर्ष फरवरी महीने में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्र दर्शन सोलंकी को लेकर पुलिस ने बड़ा दावा किया है. पुलिस का कहना है कि उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है.

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IIT Bombay: आईआईटी बॉम्बे में इस वर्ष फरवरी महीने में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्र दर्शन सोलंकी को लेकर पुलिस ने बड़ा दावा किया है. छात्र की मौत के एक महीने बाद पुलिस का कहना है कि उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से मरने वाले छात्र ने सुसाइड नोट में एक सहपाठी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है.

आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

घटना के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद एसआईटी अब इस मामले की जांच कर रही है. जांचकर्ताओं ने दावा किया है कि दर्शन सोलंकी ने सुसाइड नोट में एक छात्र का जिक्र किया था. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में जिस छात्र के नाम का जिक्र किया गया है, वो मृतक छात्र का सहपाठी है. पुलिस ने छात्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. सूत्रों ने बताया कि एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि दोनों छात्रों के बीच क्या हुआ था.

मृतक के परिजनों ने किया था ये दावा

उल्लेखनीय है कि गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले बी.टेक (केमिकल) पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष के छात्र 18 वर्षीय सोलंकी की 12 फरवरी को पवई स्थित परिसर में अपने छात्रावास की सातवीं मंजिल से कथित तौर पर कूदने के चलते मौत हो गई थी. वहीं, सोलंकी के परिवार ने दावा किया था कि अनुसूचित जाति से होने के कारण छात्र को भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था.

घटना के विरोध में कई शहरों में किया गया था विरोध प्रदर्शन

वहीं, आईआईटी बॉम्‍बे के अधिकारियों ने मौत और घटना से जुड़े आरोपों के संबंध में रसायन विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर नंद किशोर की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. पिछले माह पुलिस ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने सोलंकी की मौत की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है. इस घटना के बाद देश के कई शहरों में छात्र समूहों ने शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था.

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Samir Kumar

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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