कोरोना वायरस : ओंकारेश्वर व महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के लिए बंद

Updated at : 22 Mar 2020 7:57 AM (IST)
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कोरोना वायरस : ओंकारेश्वर व महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के लिए बंद

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मध्यप्रदेश में स्थित दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 31 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया गया है. देश में भगवान शिव के बारह (12) ज्योतिर्लिंगों में से दो मध्यप्रदेश में हैं.

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उज्जैन/खंडवा (मप्र) : कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में स्थित दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों ओंकारेश्वर (Onkareshwar) और महाकालेश्वर (Mahakaleshwar) में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 31 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया गया है. देश में भगवान शिव के बारह (12) ज्योतिर्लिंगों में से दो मध्यप्रदेश में हैं.

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन में तथा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थित है. इन दोनों ज्योतिर्लिंग में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.

उज्जैन के जिला कलेक्टर शशांक मिश्रा ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे के देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश पर 31 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया गया है.

उन्होंने बताया कि हालांकि शहर में अब तक कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन मंदिरों में भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध का निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है. इससे पहले सोमवार को मंदिर प्रशासन ने महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था.

उधर, खंडवा जिले के पुनासा की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) ममता खेड़े ने शुक्रवार को ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारियों के साथ बैठक की. ओंकारेश्वर मंदिर खंडवा जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

बैठक के बाद खेड़े ने बताया कि 31 मार्च तक ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर नहीं आने की सलाह दी है.

उन्होंने बताया कि प्रतिबंध के अवधि में पुजारी मंदिर में दैनिक आरती और अन्य अनुष्ठान हमेशा की तरह करते रहेंगे. ओंकारेश्वर, उज्जैन से लगभग 138 किलोमीटर दूरी पर है. पुनासा के एसडीएम ने बताया कि मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान ओंकारेश्वर शहर में वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है.

इससे पहले, शुक्रवार को मध्यप्रदेश में पहली दफा जबलपुर में कोरोना संक्रमण के चार मामले सामने आये थे. जांच के बाद जबलपुर में चार लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई. इनमें से तीन लोग दुबई तथा एक व्यक्ति जर्मनी से यात्रा कर जबलपुर लौटा है.

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के तहत स्कूलों, सिनेमा हॉल, संग्रहालयों, नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व और मॉल को बंद कर दिया गया है. वहीं, मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र व राजस्थान के बीच बस सेवा को भी 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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