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MP Crisis : केवल बागी विधायक ही बचा सकते हैं कमलनाथ की सरकार

Updated at : 20 Mar 2020 12:52 PM (IST)
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MP Crisis : केवल बागी विधायक ही बचा सकते हैं कमलनाथ की सरकार

MP Crisis : only rebels can save kamalnath government भोपाल : सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष एनपी प्रजापति को शक्ति परीक्षण के लिए शुक्रवार (20 मार्च, 2020) को सदन का विशेष सत्र बुलाने और यह प्रक्रिया शाम पांच बजे तक पूरी करने के निर्देश दिये जाने के बाद प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार का भविष्य अब कांग्रेस के 16 बागी विधायकों पर टिका है. MP Floor Test live, MP floor Test, Madhya Pradesh Floor Test Live, MP Floor Test at 2Pm, Kamal Nath MP Floor Test Update, 23 विधायकों का इस्तीफा , मध्य प्रदेश , कमलनाथ, शिवराज सिंह चौहान, Supreme Court, 2 बजे विधानसभा, भाजपा, BJP, Congress, Politics, Digvijaya singh, MP News, कमलनाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस, Kamal Nath Press Conference, शाम 5 बजे तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट, Mp Floor Test Till 5pm

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भोपाल : सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष एनपी प्रजापति को शक्ति परीक्षण के लिए शुक्रवार (20 मार्च, 2020) को सदन का विशेष सत्र बुलाने और यह प्रक्रिया शाम पांच बजे तक पूरी करने के निर्देश दिये जाने के बाद प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार का भविष्य अब कांग्रेस के 16 बागी विधायकों पर टिका है.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के त्यागपत्र देने से सियासी संकट पैदा हुआ है. इनमें से छह के इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिये थे, जबकि अन्य 16 के इस्तीफे शुक्रवार को मंजूर किये गये. यदि इन 16 बागी विधायकों में से कम से कम 13 बागी विधायक कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते हैं, तभी यह सरकार बच सकती है, अन्यथा इस सरकार का जाना तय है.

इन 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी है. ऐसा माना जा रहा है कि कमलनाथ की सरकार का गिरना तय है. मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं. इनमें से दो विधायकों (एक कांग्रेस एवं एक भाजपा) का निधन हो जाने से वर्तमान में दो सीटें खाली हैं और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किये गये हैं.

इस प्रकार अब सदन में कुल 222 सदस्य रह गये हैं. कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 114 से घटकर 92 रह गयी है. जब तक 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं हुए थे, कमलनाथ सरकार के पास 108 विधायक थे, जो भाजपा के 107 विधायकों से अधिक थे.

सभी 22 बागी विधायकों के इस्तीफा मंजूर होने के बाद सदन में कमलनाथ सरकार के पास मात्र 92 विधायक रह गये हैं. इनके अलावा, इस सरकार को वर्तमान में चार निर्दलीय, बहुजन समाज पार्टी के दो एवं समाजवादी पार्टी के एक विधायक का समर्थन भी प्राप्त है. शक्ति परीक्षण में भी यदि ये सभी इनके साथ रहते हैं, तो कमलनाथ सरकार के पास कुल मिलाकर 99 सदस्यों का समर्थन रहेगा.

वहीं, राज्य विधानसभा में इस समय भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की संख्या 107 है. इस प्रकार कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के मतदान में भाग न लेने पर इस सरकार का गिरना तय है. बशर्ते भाजपा के विधायक एकजुट रहें. यह सरकार बच सकती है, बशर्ते 4 निर्दलीय, दो बसपा एवं एक सपा विधायक पहले की तरह इस सरकार के समर्थन में मतदान करें और 13 बागी विधायक भी कमलनाथ सरकार के पक्ष में वोट करें.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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