Ranchi SIR: 21.42 लाख में 6.44 लाख मतदाताओं को नोटिस, बीएलओ की लापरवाही बनी परेशानी

Updated:
विज्ञापन

SIR में नोटिस से बढ़ी मतदाताओं की परेशानी, Pic Credit- AI, Only for Symbolism

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 24% मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है. बीएलओ की लापरवाही और दस्तावेजों में गड़बड़ी मुख्य कारण हैं.

विज्ञापन

SIR Notice: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया जारी है. इसके तहत जिले के कुल 21,42,991 मतदाताओं में से 6,44,071 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है. यह कुल मतदाताओं का करीब 24 प्रतिशत है. जिला प्रशासन के अनुसार 2,08,801 मतदाताओं की अब तक मैपिंग नहीं हो पाई है, जबकि 4,35,270 मतदाताओं के दस्तावेज या विवरण में अन्य गड़बड़ी पाई गई है. बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बाद अंचल कार्यालयों में भीड़ बढ़ गई है.

विज्ञापन

मतदाताओं की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि कई मामलों में बीएलओ द्वारा नोटिस की जानकारी सही तरीके से नहीं दी जा रही है. नतीजतन, मतदाता आधी-अधूरी जानकारी के साथ अपर्याप्त दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं. एक व्यक्ति को नोटिस से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूरी करने में तीन से चार घंटे तक का समय लग रहा है. अधिकारियों के अनुसार, डीजी लॉकर को ईसीआई से लिंक कर दस्तावेजों का सत्यापन करना भी आसान नहीं है.

बच्चों की उम्र में कम अंतर वाले मामलों में शपथ पत्र से हो रही मैपिंग

एसआईआर के दौरान ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें दो बच्चों की जन्मतिथि के बीच नौ महीने से भी कम का अंतर है. बताया गया कि कुछ अभिभावकों ने बच्चों की उम्र कम दर्शाकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाया है. ऐसे मामलों में बड़े और छोटे बच्चे की उम्र में नौ महीने से कम का अंतर दिख रहा है. इन मामलों में शपथ पत्र लेकर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

ये भी पढ़ें- प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: 2,896 लाभुक चयनित, 34 को मिला स्वीकृति पत्र

ईसीआई नेट पर भी देख सकते हैं नोटिस की स्थिति

कर्मचारियों के अनुसार मतदाता ईसीआई नेट के माध्यम से भी अपने नोटिस की जानकारी ले सकते हैं. इसके लिए लॉगिन करने के बाद ‘सर्टिफिकेट डॉक्यूमेंट एगेंस्ट नोटिस इश्यूड’ विकल्प चुनना होगा. इसके बाद एपिक नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने पर ओटीपी प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से नोटिस की स्थिति देखी जा सकती है.

लापरवाही बरतने वाले बीएलओ पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने माना है कि शहरी क्षेत्र के कुछ बीएलओ का कार्य संतोषजनक नहीं है. कई मतदाताओं को नोटिस जारी होने की जानकारी तक नहीं है. कुछ बीएलओ केवल फोन कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं. वहीं, जल्दबाजी में फॉर्म के जरूरी कॉलम छोड़ देने के कारण भी गलत नोटिस जारी होने की शिकायत सामने आई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे बीएलओ को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

क्षेत्रवार एसआईआर का आंकड़ा

विधानसभाकुल नोटिसनो मैपिंगअन्य गड़बड़ी
सिल्ली39,0857,76731,318
तमाड़44,2419,09135,150
खिजरी95,09428,82766,267
रांची95,58145,84049,741
मांडर1,00,03511,18888,847
कांके1,31,51246,67784,835
हटिया1,38,52359,41179,112

ये भी पढ़ें- PLFI उग्रवादियों से मुठभेड़ में साहस दिखाने वाले हवलदार अरविंद मिंज को मिला गैलेंट्री प्रमोशन

ग्रामीण इलाकों में भी परेशानी

खलारीः प्रखंड के सभी 69 बूथों पर विशेष पुनरीक्षण कार्य से मतदाता परेशान हैं. रोजाना 300 से 400 लोग दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं. दादा या पिता का नाम गलत दर्ज होने से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. कई से जमीन का पुराना खतियान मांगा जा रहा है, जो उपलब्ध नहीं है.

अनगड़ाः बीएलओ के घर-घर न पहुंचने और जानकारी के अभाव से ग्रामीणों में भ्रम है. महिलाएं मायके से मतदाता सूची लाकर दे रही हैं, लेकिन त्रुटि बताकर नोटिस जारी हो रहा है. प्रज्ञा केंद्रों पर भीड़ बढ़ रही है.

सोनाहातूः प्रखंड कार्यालय में रोजाना 150 से 200 नोटिस का समाधान हो रहा है. ज्यादातर दस्तावेज को लेकर अड़चन है. मैट्रिक सर्टिफिकेट, जाति और स्थानीय प्रमाण पत्र या खतियान में नाम नहीं रहने पर मुखिया या पंचायत प्रतिनिधि से सत्यापन कराना पड़ रहा है.

मांडरः प्रखंड के विभिन्न गांव से 200 से 300 लोग नोटिस लेकर पहुंच रहे हैं. नाम, जन्म तिथि और वोटर लिस्ट में वर्तनी की भिन्नता के कारण नोटिस मिला है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola