जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी में रजत जीतकर लौटी झारखंड टीम, सिमडेगा में खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत
सिमडेगा स्ट्रोटर्फ स्टेडियम में स्वागत करते खिलाड़ी व हॉकी झारखंड के महासचिव : Prabhat Khabar
पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली झारखंड टीम का सिमडेगा में जोरदार स्वागत किया गया.
सिमडेगा : पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर लौटी झारखंड टीम का बुधवार को सिमडेगा में जोरदार स्वागत किया गया. अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने पदक विजेताओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया. स्टेडियम पहुंचने पर खिलाड़ियों को बुके देकर सम्मानित किया गया. इसके बाद पारंपरिक तरीके से हाथ धुलाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया. मिठाई खिलाकर टीम को रजत पदक जीतने की बधाई दी गयी.
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रजत पदक विजेता टीम में सिमडेगा की रीना कुल्लू, अनीशा कुल्लू, एस्टर होरो, सोनाली तिर्की, अनुप्रिया सोरेंग और जमुना कुमारी शामिल रहीं. टीम मैनेजर सह एनआइएस हॉकी कोच दिव्या डुंगडुंग भी सिमडेगा पहुंचीं. टीम की कुछ खिलाड़ी रांची चली गयीं, जबकि कुछ बेंगलुरु से सीधे भारतीय टीम के कैंप के लिए रवाना हुईं. वहीं, कुछ खिलाड़ी कोलकाता हॉकी सेंटर गयीं.
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पहले ही दौरे में रजत पदक की खुशी
टीम मैनेजर दिव्या डुंगडुंग ने कहा कि एनआइएस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हॉकी झारखंड ने उन्हें राज्य टीम की जिम्मेदारी सौंपी. अपने पहले ही दौरे में रजत पदक हासिल करने पर उन्होंने खुशी जतायी. उन्होंने हॉकी झारखंड और सिमडेगा में शानदार स्वागत करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया. दबाव में भी खिलाड़ियों ने दिखायी मानसिक मजबूती: मनोज कोनबेगी हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य टीम ने चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निर्णायक क्षणों में टीम दबाव में आ जाती थी, लेकिन इस बार खिलाड़ियों ने परिपक्वता का परिचय दिया.
अंतिम क्षण तक संघर्ष से मिली जीत
कई मुकाबलों में पिछड़ने के बावजूद खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और महत्वपूर्ण गोल कर वापसी की. इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में मुकाबले जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया. यह टीम के आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि सफलता में खिलाड़ियों के साथ कोचिंग स्टाफ और मैनेजर की भी अहम भूमिका रही. राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी के लिए हॉकी झारखंड की ओर से झारखंड सरकार के खेल विभाग के सहयोग से एक से 12 अगस्त तक रांची में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था. शिविर का सकारात्मक परिणाम रजत पदक के रूप में सामने आया.
मनोज कोनबेगी ने पूरी टीम, कोच, मैनेजर, सहयोगी स्टाफ और सिमडेगा की खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. मौके पर हॉकी सिमडेगा के पैंक्रेसियस टोप्पो, कमलेश्वर मांझी, कोच तारिणी कुमारी, रोहित बेसरा, प्रवीण परवार समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेलप्रेमी मौजूद थे.

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