सिमडेगा के 6471 बच्चों को छह माह तक मिलेंगे मिलेट न्यूट्री बार, ‘प्रोजेक्ट पोषण’ शुरू

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बच्चियों के साथ उपायुक्त और अन्य | Prabhat Khabar Network

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इंडियनऑयल ने सिमडेगा के 41 स्कूलों में प्रोजेक्ट पोषण शुरू किया, जिससे 6,471 बच्चों को छह महीने तक पौष्टिक मिलेट न्यूट्री बार वितरित किए जाएंगे.

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सिमडेगा. बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित आहार और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने आकांक्षी जिला सिमडेगा में अपनी सीएसआर पहल ‘प्रोजेक्ट पोषण’ की शुरुआत की है. शुक्रवार को सेंट ऐनीज गर्ल्स हाई स्कूल, लचरागढ़ में आयोजित उद्घाटन-सह-वितरण समारोह में उपायुक्त कंचन सिंह ने परियोजना का शुभारंभ किया.

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इस पहल के तहत इंडियन ऑयल की पाइपलाइन के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के आसपास स्थित 41 सरकारी विद्यालयों के 6471 बच्चों को छह माह तक मिलेट आधारित पौष्टिक न्यूट्री बार उपलब्ध कराया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की. इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और ‘बुलबुल डांस’ की प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत किया. इसके बाद बच्चों के बीच न्यूट्रीलेट मिलेट न्यूट्री बार का वितरण किया गया.

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34.95 लाख रुपए की लागत से चलेगी परियोजना

परियोजना के लिए 34.95 लाख रुपए की स्वीकृत लागत निर्धारित की गई है. बच्चों को मिल्क, केला और मिक्स्ड फ्रूट फ्लेवर के न्यूट्री बार दिए जाएंगे. इनमें आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पादप प्रोटीन और आहार फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं. परियोजना का उद्देश्य बच्चों में एनीमिया, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और भोजन में पोषण विविधता की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने में सहयोग करना है.

स्थानीय खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर

इस मौके पर उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं है. भोजन ऐसा होना चाहिए, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल सकें. उन्होंने बच्चों से सब्जियों, दाल, स्थानीय अनाज और आसपास उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी भोजन की थाली में शामिल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सिमडेगा में मड़ुआ/रागी, मुनगा, बेर और स्थानीय साग-सब्जियों जैसे कई पौष्टिक खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं. इनका इस्तेमाल कर कम खर्च में भी संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अच्छा भोजन महंगा भोजन नहीं, बल्कि ऐसा भोजन है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करे.

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बच्चों में शुरू से विकसित हो स्वस्थ खान-पान की आदत

उपायुक्त ने कहा कि पोषण की शुरुआत भोजन की थाली से होती है. इसलिए बच्चों में शुरू से ही स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छात्राएं आगे चलकर अपने परिवार और समाज में पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

अधिकारी, शिक्षक और अभिभावक रहे मौजूद

कार्यक्रम में इंडियनऑयल के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संजीव कुमार सामल, महाप्रबंधक संबलपुर बेस प्रशान्त कुमार बेहेरा, महाप्रबंधक (वित्त) सौरदीप भट्टाचार्य सहित जिला प्रशासन और इंडियनऑयल के अधिकारी मौजूद थे. इसके अलावा शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए. परियोजना का क्रियान्वयन एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की सहायक संस्था एचएलएल मैनेजमेंट अकादमी के माध्यम से किया जा रहा है.

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