ऑब्जर्वेशन होम पहुंचकर उपायुक्त कंचन सिंह ने बच्चों को बांधी राखी, तिलक लगाकर की आरती
राखी का धागा बना विश्वास, जिम्मेदारी और उम्मीद का प्रतीक | Prabhat Khabar Network
रक्षाबंधन के अवसर पर सिमडेगा उपायुक्त कंचन सिंह ने ऑब्जर्वेशन होम पहुंचकर बच्चों को राखी बांधी और उनका हाल जाना. बच्चों के साथ बिताए भावुक पल की पूरी खबर.
सिमडेगा. रक्षाबंधन के अवसर पर उपायुक्त कंचन सिंह ने ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों के साथ पर्व मनाया. विधि-विवादित बच्चों के लिए संचालित सुधार गृह पहुंचकर उन्होंने बच्चों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाइयों पर राखी बांधी. राखी बंधवाने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी देखकर उपायुक्त भावुक हो गयीं.
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उपायुक्त ने कहा कि कानूनी प्रावधानों के कारण बच्चों की तस्वीरें साझा नहीं की जा सकतीं. उन्होंने कहा कि परिवार से दूर रह रहे इन बच्चों के चेहरों पर राखी बंधवाने की खुशी साफ दिख रही थी. किशोरावस्था में बच्चों को समझने, उनके मानसिक द्वंद्व को पहचानने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने की जरूरत है.
इसी दौरान एक बच्चे के हाथ पर जलने के निशान देखकर उपायुक्त का ध्यान गया. निशानों से अंग्रेजी में ‘बेबी’ लिखा नजर आया. बच्चे ने बताया कि यह उसकी मां का नाम है. मां की याद में उसने पहले जहां वह रह रहा था, वहां हाथ पर ये निशान बनवाये थे.
उसकी पीड़ा और मां के प्रति प्रेम ने सभी को भावुक कर दिया. उपायुक्त ने बच्चों से रक्षाबंधन का अर्थ पूछा. बच्चों ने कहा कि भाई बहन की रक्षा करता है. इस पर उपायुक्त ने पूछा, “मेरी रक्षा कैसे करोगे?” बच्चे चुप हो गये. उन्होंने कहा कि हर बच्चे को बेहतर जीवन और सार्थक भविष्य देना उनका दायित्व है. बाद में बच्चों ने अच्छे नागरिक बनने और ऐसा काम करने का वादा किया, जिससे सभी को उन पर गर्व हो. उपायुक्त ने कहा कि बच्चों का यह वादा उनके लिए रक्षाबंधन का सबसे सुंदर उपहार है.
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