रावण वध से श्रीराम राज्याभिषेक तक, कथा के अंतिम दिन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
फोटो भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network
सिमडेगा में 24 दिवसीय श्रीराम कथा का समापन हुआ. पंडित इंद्रशंकर झा ने श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी. पढ़ें पूरी खबर.
सिमडेगा. कुंजनगर स्थित संकट मोचन मंदिर परिसर में आयोजित 24 दिवसीय श्रीराम कथा का समापन गुरुवार रात श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ. अंतिम दिन कथा वाचक पंडित इंद्रशंकर झा ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया. उन्होंने रावण वध और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये.
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कथा स्थल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा. पंडित इंद्रशंकर झा ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है. उनके आदर्शों और मर्यादाओं को जीवन में अपनाने से जीवन सार्थक होता है. उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है. भगवान श्रीराम का जीवन पारिवारिक रिश्तों के महत्व के साथ जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर प्रेम, सौहार्द और समानता का संदेश देता है. उनके त्याग, कर्तव्यपरायणता और प्रजा के प्रति समर्पण ने उन्हें आदर्श राजा बनाया.
समापन अवसर पर आरती के बाद पूर्णाहुति की गयी. इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व वार्ड पार्षद रामजी यादव, वार्ड पार्षद वैजयंती देवी, सतेंद्र रोहिला, बजरंग रजक, सुमित सिंह, गोलू बड़ाईक, विनोद यादव सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया.
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