नवयौवन रूप में भक्तों को दिए दर्शन, 16 को रथ पर सवार होंगे महाप्रभु

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हरिभंजा की जगन्नाथ मंदिर में नेत्र उत्सव पर चतुर्धा मूर्ति के नव यौवन रूप के दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे | Prabhat Khabar Network

खरसावां के जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु के नवयौवन स्वरूप के दर्शन हुए. 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसे लेकर भक्तों में भारी उत्साह है.

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शचिंद्र कुमार दाश

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खरसावां : मंगलम् भगवान विष्णु, मंगलम् मधुसुदनम, मंगलम् पुंडरी काख्य, मंगलम् गरुड़ ध्वज, माधव माधव बाजे, माधव माधव हरि, स्मरंती साधव नित्यम, शकल कार्य शुमाधवम् ...के वैदिक मंत्रों, शंखध्वनि और जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच मंगलवार को सरायकेला-खरसावां जिले के जगन्नाथ मंदिरों में महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा और सुदर्शन का पावन नेत्रोत्सव श्रद्धा एवं परंपरा के साथ संपन्न हुआ. स्नान पूर्णिमा के बाद अणवसर (अनसर) काल में 14 दिनों तक गुप्त सेवा और उपचार के उपरांत मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. महाप्रभु के नवयौवन स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ पड़े.

हरिभंजा मंदिर में विधि-विधान से संपन्न हुआ नेत्रोत्सव

खरसावां के हरिभंजा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चतुर्धा विग्रह का विशेष श्रृंगार कर नेत्रोत्सव मनाया गया. पूजा-अर्चना पंडित प्रदीप कुमार दाश एवं भरत त्रिपाठी ने संपन्न कराई. यजमान के रूप में जमींदार विद्या विनोद सिंहदेव, संजय सिंहदेव, राजेश सिंहदेव एवं पृथ्वीराज सिंहदेव उपस्थित रहे. शंखध्वनि, पारंपरिक उलुध्वनि (हुलहुली) और जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा. पूजा के बाद भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया.

14 दिनों तक अनवसर गृह में देशी औषधियों से हुआ उपचार, 16 निकलेगी रथयात्रा

धार्मिक मान्यता के अनुसार 29 जून को स्नान पूर्णिमा पर 108 कलशों के जल से महास्नान के बाद महाप्रभु अस्वस्थ हो गए थे. अणवसर गृह में 14 दिनों तक सेवायतों ने विशेष गुप्त सेवा करते हुए जड़ी-बूटियों से तैयार पारंपरिक औषधि से उनका उपचार किया. अब स्वस्थ होने के बाद महाप्रभु नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. 16 जुलाई को रथ पर सवार हो कर चतुर्धा विग्रह श्रीगुंडिचा मंदिर (मौसी बाड़ी) के लिये प्रस्थान करेंगे.

16 को मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे महाप्रभु

बुधवार, 16 जुलाई को महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी स्थित श्री गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे. रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रथ खींचने और महाप्रभु के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. पूरे क्षेत्र में रथयात्रा को लेकर उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है.


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