ePaper

रांची की इस बस्ती में हो रही पानी की गंभीर समस्या, अधिकतर घरों की बोरिंग फेल, 10 हजार की आबादी हो रही प्रभावित

Updated at : 23 May 2023 9:20 AM (IST)
विज्ञापन
रांची की इस बस्ती में हो रही पानी की गंभीर समस्या, अधिकतर घरों की बोरिंग फेल, 10 हजार की आबादी हो रही प्रभावित

स्थानीय लोगों ने बताया कि हम लोग समस्या नगर निगम के टैंकर पर निर्भर रहते हैं. टैंकर से जो पानी मिलता है, उससे ही काम चलाते हैं. इलाके में एक टैंकर ही पानी आता

विज्ञापन

पुंदाग पुराना बस्ती में भूर्गभ जल नीचे चला गया है, जिस कारण अधिकतर घरों की बोरिंग फेल हो गयी है. इससे लोग परेशान हैं. इलाके में करीब दस हजार से अधिक लोग निवास करते हैं. लोगों ने कहा कि यहां तालाब भी सूखने के करीब पहुंच गये हैं. इसी से यहां के भूजल की स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

नगर निगम के टैंकर पर हैं निर्भर :

स्थानीय लोगों ने बताया कि हम लोग नगर निगम के टैंकर पर निर्भर रहते हैं. टैंकर से जो पानी मिलता है, उससे ही काम चलाते हैं. इलाके में एक टैंकर ही पानी आता है, जो पर्याप्त नहीं है. वह भी प्रतिदिन नहीं आता है. इस कारण सभी लोगों को पानी मिल भी नहीं पाता है. ऐसे में लोग जुगाड़ सिस्टम के सहारे पानी की व्यवस्था कर अपनी जिंदगी काट रहे हैं.

इलाके के चापानल हो गये हैं खराब :

इस इलाके में मुंडा मसना के पास, मुंडा टोली व इमली पेड़ के समीप स्थित चापानल सहित अन्य चापानल खराब हैं. वहीं नंदू मुंडा के घर के समीप भी स्थिति खराब है. यहां का जल स्तर काफी नीचे चल गया है. इस कारण काफी कम मात्रा में यहां से पानी निकलता है.

डेढ़ साल पूर्व पाइपलाइन बिछी, पर जलापूर्ति नहीं :

पुंदाग पुराना बस्ती के साहू टोली,लोहरा कोचा,इमली टोली,इमामबाड़ा चौक, मुंडा टोली,मसजिद टोला,लवातू टोला, बंग्ला टोली,खेत मोहल्ला, चरघरवा सहित अन्य इलाके में डेढ़ साल पहले पानी का पाइप बिछाकर लोगों के घरों में कनेक्शन दे दिया गया है, लेकिन आज तक पेयजलापूर्ति शुरू नहीं हो पायी है. लोगों ने कहा कि इसके शुरू हो जाने से हम लोगों को काफी राहत मिलती. तत्काल पेयजलापूर्ति बहाल करायी जाये, जिससे लोगों की बोरिंग पर निर्भरता कम हो सके.

रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं

इस इलाके में रेनवाटर हार्वेस्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं है. इलाके के लोगों ने कहा कि सरकार यदि पहल करती, तो यहां बारिश के पानी को धरती में पहुंचाया जा सकता था.जिससे भूर्गभ जल का स्तर बरकरार रहता और लोगों को परेशानी नहीं होती.

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola