'सत्ता से सवाल पूछना ही सच्चा लोकतंत्र, युवाओं के आंदोलन से जगी नई उम्मीद': 5वें स्टेन स्वामी व्याख्यान में बोले शीतल पी सिंह
शीतल पी सिंह की फाइल फोेटो
5वें स्टेन स्वामी स्मृति व्याख्यान में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह ने लोकतंत्र के असली मायने बताए. उन्होंने सत्ता से सवाल पूछने को सबसे महत्वपूर्ण बताया और युवाओं के आंदोलनों की सराहना की.
रांची : पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टिज (PUCL) रांची के तत्वावधान में 5वें स्टेन स्वामी स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया. 'लोकतंत्र का भविष्य, युवाओं के आंदोलन से उभरती संभावना और मीडिया की भूमिका' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह शामिल हुए. उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान राजनीतिक माहौल, सामाजिक चेतना और मीडिया के बदलते रुख पर विस्तार से अपनी बात रखी.
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सत्ता से सवाल पूछना ही लोकतंत्र का असली मर्म
व्याख्यान के दौरान शीतल पी सिंह ने लोकतंत्र की मूल परिभाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्यवस्था केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य आधार सत्ता से सवाल पूछना और उसकी नाकामियों को उजागर करना है. उन्होंने युवाओं के नए आंदोलनों की सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा नफरत के एजेंडे को खारिज कर शिक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल उठा रहा है. उत्तर प्रदेश में छात्राओं द्वारा मिड-डे मील और शिक्षा के गिरते स्तर के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि जनमुद्दों की राजनीति की वापसी हो रही है.
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छात्र राजनीति का दमन और 'गोदी मीडिया' की कार्यशैली
मुख्य वक्ता ने देश में छात्र राजनीति और मीडिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर राजनीतिक चेतना को खत्म करने के उद्देश्य से कई राज्यों में छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा दी गई है और गैर-भाजपा छात्र संगठनों को टारगेट किया जा रहा है. वहीं, सामाजिक सुधार का जरिया बनने वाले मुख्यधारा के मीडिया संस्थान आज 'गोदी मीडिया' का रूप ले चुके हैं, जो जनआंदोलनों को देशद्रोही और आतंकवादी साबित करने में जुटे हैं. ऐसे समय में युवा सोशल मीडिया के जरिए सच सामने ला रहे हैं.
कड़े कानूनों का दुरुपयोग और कार्यक्रम का समापन
संबोधन में यूएपीए (UAPA) जैसे कठोर कानूनों के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया गया. वक्ता ने कहा कि सवाल पूछने की वजह से उमर खालिद वर्षों से जेल में बंद हैं, वहीं फादर स्टेन स्वामी की जेल में संस्थागत हत्या कर दी गई, जबकि गंभीर मामलों के आरोपी बाहर घूम रहे हैं. कार्यक्रम की शुरुआत PUCL के राष्ट्रीय सचिव सॉलमन के उद्घाटन भाषण से हुई. मंच की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार किसलय ने की, संचालन जिला महासचिव लीना ने किया तथा टोनी ने फादर स्टेन स्वामी का परिचय दिया. अंत में जिला अध्यक्ष अशोक झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.
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