ePaper

झारखंड में खत्म होगी बालू की किल्लत, घाट बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू, जानें कब से हटेगी रोक

Updated at : 09 Sep 2022 4:07 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में खत्म होगी बालू की किल्लत, घाट बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू, जानें कब से हटेगी रोक

झारखंड में बालू घाटों की बंदोबस्ती पर रोक जल्द हट जाएगी. इस रोक को NGT ने हटा लिया है. 15 अक्तूबर से यह रोक हटने पर 18 बालू घाटों से बालू का उठाव भी आसानी से हो सकेगा. इससे राज्य में बालू की उपलब्धता आसान हो जाएगी.

विज्ञापन

Jharkhand News: बालू घाटों की बंदोबस्ती पर लगी रोक को NGT ने हटा लिया है. इसके साथ ही अब बालू घाटों की टेंडर प्रक्रिया शुरू करने में JSMDC जुट गया है. वहीं, पूर्व में जिलों को भेजे गये बालू घाटों के फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया भी अब शुरू होने जा रही है. दूसरी तरफ, पूर्व से बंदोबस्त 18 बालू घाटों से बारिश की वजह से बालू उठाव पर रोक है. यह रोक 10 जून से 15 अक्तूबर तक रहती है. 15 अक्तूबर से यह रोक हटने पर 18 बालू घाटों से बालू का उठाव भी आसानी से हो सकेगा. वर्तमान में स्टॉकिस्ट या दूसरे राज्यों से बालू की आपूर्ति हो रही है. पर 15 अक्तूबर के बाद से राज्य में बालू की उपलब्धता सुलभ हो सकेगी.

क्या है मामला

गौरतलब है कि कैटेगरी के दो के सभी बालू घाटों का संचालन जेएसएमडीसी को ही करना है. कैटेगरी दो में राज्य में 608 बालू घाट चिह्नित हैं. इन घाटों को क्षेत्रफल के अनुसार तीन श्रेणी यानी कैटेगरी ए में 10 हेक्टेयर से कम, कैटेगरी बी में 10 हेक्टेयर से 50 हेक्टेयर और कैटेगरी सी में 50 हेक्टेयर से अधिक के बालू घाटों को रखा गया है.

Also Read: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा और बरसोल थाना प्रभारी पर गिरी गाज, SSP ने किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला

MDO की नियुक्ति के लिए किया गया था टेंडर

जेएसएमडीसी द्वारा इन बालू घाटों के संचालन के लिए माइंस डेवलपमेंट अॉपरेट (एमडीओ) की नियुक्ति के लिए टेंडर किया गया था. इसके तहत प्रथम चरण में जेएसएमडीसी द्वारा एजेंसी को सूचीबद्ध कर लिया गया है. दूसरे चरण में एजेंसी के चयन के लिए फायनेंशियल बिड की प्रक्रिया जिलावार संबंधित उपायुक्त द्वारा करनी थी. उपायुक्त को संबंधित घाटों के लिए श्रेणीवार सूचीबद्ध एजेंसी में से कैटेगरी ए एवं कैटेगरी बी बालू घाटों के लिए वित्तीय निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन करना था. इसी दौरान पंचायत चुनाव आ गया. इस कारण वित्तीय निविदा नहीं हो सकी. इसके बाद एनजीटी ने टेंडर में विवाद को लेकर बंदोबस्ती पर रोक लगा दी थी.

विज्ञापन
Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola