1930 से आस्था का केंद्र है रांची का विश्वकर्मा मंदिर, 11 बजे शुरू होगी पूजा, 3 बजे महाभंडारा

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रांची का श्री जगतगुरु विश्वकर्मा मंदिर, जो 1930 से आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, विश्वकर्मा पूजा के लिए तैयार है. पूजन सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसके बाद दोपहर 1 बजे हवन और महाआरती होगी. दोपहर 3 बजे प्रसाद वितरण और महाभंडारा का आयोजन किया जाएगा.

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रांची. मेन रोड स्थित विश्वकर्मा लेन का श्री जगतगुरु विश्वकर्मा मंदिर झारखंड के प्राचीन और प्रमुख भगवान विश्वकर्मा मंदिरों में से एक है. मंदिर में वर्ष 1930 से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना होती आ रही है. बताया जाता है कि वर्ष 1928 में संत मोनी बाबा ने भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर स्थापित कर पूजा की शुरुआत की थी. समय के साथ यह मंदिर रांची के साथ आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है.

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सुबह 11 बजे शुरू होगा पूजन

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रांची समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है. मंदिर में भगवान विश्वकर्मा का विधिवत पूजन मुख्य पुजारी राजाराम शास्त्री करायेंगे. सुबह 11 बजे भगवान विश्वकर्मा पूजन शुरू होगा. इसके बाद दोपहर 1 बजे हवन और महाआरती होगी.

दोपहर 3 बजे प्रसाद वितरण और महाभंडारा

पूजन कार्यक्रम के बाद अपराह्न 3 बजे प्रसाद वितरण और महाभंडारा का आयोजन किया जायेगा. पूजा आयोजन को सफल बनाने में रामरतन शर्मा, शंकर विश्वकर्मा, जयप्रकाश शर्मा, रामजतन शर्मा, मनबोध शर्मा, विभीषण शर्मा, परमेश्वर शर्मा और राजकुमार शर्मा की मुख्य भूमिका है.

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