रक्षा शक्ति विवि : सिक्यूरिटी अफसर के पद पर चयन, नौकरी गार्ड की

Updated at : 11 Jun 2020 2:13 AM (IST)
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रक्षा शक्ति विवि : सिक्यूरिटी अफसर के पद पर चयन, नौकरी गार्ड की

झारखंड रक्षा शक्ति विवि के छात्रों को सिक्यूरिटी अफसर की नौकरी की बात कह कर चेन्नई में एटीएम गार्ड की नौकरी दिये जाने के मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं

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संजीव सिंह, रांची : झारखंड रक्षा शक्ति विवि के छात्रों को सिक्यूरिटी अफसर की नौकरी की बात कह कर चेन्नई में एटीएम गार्ड की नौकरी दिये जाने के मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं. इसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी बनायी गयी है. कमेटी में उच्च शिक्षा निदेशालय की उप निदेशक विभा पांडेय, उप निदेशक नितेश राज और वित्त पदाधिकारी शशिशेखर सिंह हैं. कमेटी गठन के तत्काल बाद ही सदस्य बुधवार को विवि कैंपस पहुंचे और भुक्तभोगी 31 विद्यार्थियों को बुलाया. इनमें से चेन्नई गये आठ विद्यार्थियों से पूछताछ की. विद्यार्थियों ने बताया कि इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ धोखाधड़ी करने को लेकर एसटी/एससी थाना में भी मामला दर्ज कराया गया है.

जानकारी के अनुसार, विवि के सत्र 2016-17 के पीएच डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सिक्यूरिटी विभाग के उक्त विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान ही चेन्नई की जी-फॉर एस सिक्यूरिटी सोल्यूशन कंपनी द्वारा आयोजित प्लेसमेंट कैंपस इंटरव्यू में शामिल हुए. इनमें 31 विद्यार्थियों को सिक्यूरिटी अफसर के लिए चयन हुआ. इन्हें बताया गया कि इनका जॉब लोकेशन चेन्नई होगा अौर इन्हें प्रति वर्ष दो लाख रुपये व अन्य भत्ता देय होगा.

कंपनी द्वारा इन्हें अॉफर लेटर भी मिला

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने इन विद्यार्थियों को अक्तूबर 2017 में नियुक्ति पत्र सौंपा. विद्यार्थियों ने बताया कि 28 नवंबर 2017 को कुल 31 में से आठ विद्यार्थी चेन्नई गये. वहां सिक्यूरिटी इंचार्ज/सुपरवाइजर की जगह गार्ड की नौकरी के लिए योगदान कराया गया. विद्यार्थियों को लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है अौर सभी पांच दिसंबर 2017 को वापस रांची लौट आये.

कोर्स पूरा कराने के लिए प्रति छात्र 30 हजार रुपये लिये गये : भुक्तभोगी विद्यार्थियों ने मामले की जानकारी अन्य चयनित विद्यार्थियों को दी. साथ ही धोखाधड़ी किये जाने की लिखित शिकायत विवि सहित उच्च शिक्षा विभाग व मुख्यमंत्री को दी. मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी गया. इसमें कहा गया कि विवि के इस कोर्स के तहत आइपीसी, सीआरपीसी, डिजास्टर मैनेजमेंट, फॉरेंसिक साइंस, पुलिस साइंस सहित आर्म्स चलाने की ट्रेनिंग दी गयी.

थाना के कामकाज के लिए वहां चार दिनों तक ट्रेनिंग दी गयी. प्रति छात्र 30 हजार रुपये से अधिक शुल्क लेकर कोर्स पूरा कराया गया, लेकिन इसके बावजूद चेन्नई की कंपनी में सिक्यूरिटी गार्ड, एटीएम गार्ड बना दिया गया. फिलहाल कमेटी ने दिन भर अपना जांच कार्य जारी रखा. इससे संबंधित फाइलों को टटोला अौर विवि के अधिकारियों से भी जानकारी हासिल की.

इन विद्यार्थियों का हुआ था चयन

चेन्नई स्थित जी फॉर सिक्यूरिटी सोल्यूशन में सोनामनी उरांव, सुशीला भगत, सरिता कंडुलना, इंद्रदीप त्रिवेदी, करूणा निधि पांडेय, अोम प्रकाश कुमार रे, नीरज कुमार सिन्हा, राहुल कुमार रौशन, प्रिया कुमारी, सरिता बास्के, नेहा रानी, रिया रानी, अजय कुमार राणा, अंकित कश्यप,सोबित कुमार तिवारी, मुकेश कुमार रवि, कुंदन कुमार, प्रीतलाल ठाकुर, किशोर कुणाल, अविनाश कुमार दूबे, आनंद मोहन, साकेत कुमार, सावना मांडी, रंजिता सिनी मुंडू, रंजीत कुमार, विकास कुमार, पूजा कुमारी, दिनेश कुमार मंडल .

Posted by : Pritish Sahay

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