52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की तैयारी तेज, योग-आयुर्वेद से लेकर एकीकृत चिकित्सा पर होगी चर्चा
पतंजलि विश्वविद्यालय 29-31 अक्टूबर 2026 को 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 'योग, आयुर्वेद एवं अन्य प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां' विषय पर केंद्रित रहेगा. भारत और विदेशों के विद्वान इसमें भाग लेंगे.
हरिद्वार. पतंजलि विश्वविद्यालय में 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 52वें अखिल भारतीय प्राच्यविद्या सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई. तीन दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय ‘योग, आयुर्वेद एवं अन्य प्राचीन चिकित्सा पद्धतियां’ रखा गया है.
सम्मेलन में भारत और विदेशों से प्रसिद्ध विद्वान, शिक्षक और शोधार्थी हिस्सा लेंगे. इस दौरान योग मनोविज्ञान, एकीकृत चिकित्सा, आध्यात्मिक आयाम और वैज्ञानिक अनुसंधान समेत विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जायेगा.
प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों पर होगा विमर्श
सम्मेलन के दौरान योग और आयुर्वेद के साथ अन्य प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी. इसके अलावा योग मनोविज्ञान और एकीकृत चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की संभावनाओं पर भी विचार रखे जायेंगे.
प्रतिभागी करा सकते हैं पंजीकरण
सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं. सम्मेलन से जुड़ी जानकारी और पंजीकरण की प्रक्रिया वेबसाइट पर उपलब्ध है.
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