पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्रसीमा 65 वर्ष करने का आदेश

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Birsa Munda

राज्य के पशु चिकित्सकों को झारखंड हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ा कर 65 वर्ष करने का आदेश दिया है. अदालत ने एलोपैथिक चिकित्सकों की तरह पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सकों को भी डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) का लाभ व सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष करने का निर्देश दिया.

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रांची. राज्य के पशु चिकित्सकों को झारखंड हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ा कर 65 वर्ष करने का आदेश दिया है. अदालत ने एलोपैथिक चिकित्सकों की तरह पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सकों को भी डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) का लाभ व सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष करने का निर्देश दिया. अदालत ने मंगलवार को उक्त फैसला सुनाया. 12 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

हाइकोर्ट ने पशु चिकित्सकों को डीएसीपी का लाभ देने का भी दिया आदेश

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि छठे वेतनमान को राज्य सरकार ने अंगीकृत किया है. इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि केंद्र सरकार के कर्मियों की तरह झारखंड सरकार के कर्मियों को भी समतुल्य लाभ मिलेगा. केंद्रीय वेतनमान में पशु चिकित्सक व एलोपैथिक चिकित्सक को सर्विस बेनीफिट का बराबर लाभ देने की बात कही गयी है. इसलिए डीएसीपी व सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से 65 वर्ष का लाभ पशु चिकित्सकों को भी मिलना चाहिए. राज्य सरकार इसे सैद्धांतिक तौर पर मानती है, इसलिए इसमें कोई विवाद नहीं है. अदालत ने मामले को लेकर राज्य सरकार को उचित नियम व प्रावधान बनाने का निर्देश दिया. साथ ही अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए 16 सप्ताह में प्रार्थी पशु चिकित्सक को उपरोक्त लाभ देने का निर्देश दिया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी डॉ रतन कुमार दुबे व अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर की गयी थी. याचिका में कहा गया था कि वे लोग पशुपालन विभाग में वर्ष 1980 से पशु चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं. झारखंड राज्य गठन के बाद एलोपैथिक चिकित्सकों को डीएसीपी मिलना शुरू हुआ था. आयुष चिकित्सकों को भी कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2009 से डीएसीपी का लाभ मिल रहा था. आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक चिकित्सकों की तरह सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से 65 वर्ष हुई थी, लेकिन कार्यरत पशु चिकित्सक दोनों लाभ से वंचित हैं.

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