बॉयोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाने का विरोध

Updated:
विज्ञापन

Birsa Munda

पिपरवार के सीसीएल कार्यस्थलों पर बॉयोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाने की शुरुआत के साथ ही इसका विरोध होना शुरू हो गया है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, पिपरवार पिपरवार के सीसीएल कार्यस्थलों पर बॉयोमेट्रिक प्रणाली से हाजिरी बनाने की शुरुआत के साथ ही इसका विरोध होना शुरू हो गया है. मजदूर इसके विरोध में लगातार आंदोलन कर रहे हैं. अशोक परियोजना में मजदूरों ने शुक्रवार को सीसीएल के उक्त फैसले का जमकर विरोध किया. वर्कशॉप में खूब नारेबाजी भी की गयी. इसमें सभी यूनियन से जुड़े मजदूर शामिल थे. मजदूरों की शिकायत है कि यहां काम करनेवाले मजदूर दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं. कोई भुरकुंडा से तो कोई दूर-दराज के ग्रामीण इलाके से. ऐसे में थोड़ी भी देर पहुंचने पर होने पर मजदूरों का नुकसान हो जायेगा. जानकारी के अनुसार गुरुवार को पिपरवार वर्कशॉप में भी मजदूरों ने इसके खिलाफ गेट मीटिंग कर बॉयोमेट्रिक प्रणाली का विरोध किया था. पर, लगातार विरोध के बावजूद प्रबंधन इस मुद्दे पर मजदूरों से बात नहीं कर रहा है. जानकारी के अनुसार सीसीएल के सभी क्षेत्रों में लागू की जा रही है. प्रबंधन हर हाल में बॉयोमेट्रिक प्रणाली को लागू करना चाह रहा है. सीसीएल मुख्यालय द्वारा भी क्षेत्रीय प्रबंधन पर लागू करने का दबाव है. जानकारी के अनुसार पिपरवार परियोजना, अशोक परियोजना, सीएचपी परियोजना, बचरा परियोजना, रिजनल वर्कशॉप, स्टोर, साइडिंग में फेस डिटेक्टींग बॉयोमेट्रक मशीन लगायी गयी है. इन्हें इंटरनेट से जोड़ा गया है. इसके लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन कर सारा डाटा जुटाया गया है. जैसे ही कोई कर्मचारी मशीन के सामने खड़ा होगा, उसकी हाजिरी स्वत: बन जायेगी. कार्यस्थल छोड़ने के समय भी कर्मियों को मशीन के समक्ष उपस्थित होना होगा.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola