नगड़ी के ग्रामीण जमीन बचाने के लिए धरने पर बैठे, संगठनों ने दिया समर्थन
रांची की नगड़ी में धरने पर बैठे लोग. फोटो: प्रभात खबर
नगड़ी के ग्रामीणों ने कृषि भूमि पर रिम्स-टू के निर्माण का विरोध करते हुए लोकभवन के समक्ष धरना दिया. उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं.
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रांची से प्रवीण मुंडा की रिपोर्ट
Nagri Protest: नगड़ी की कृषि भूमि पर रिम्स-टू के निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को लोकभवन के समक्ष धरना दिया. इस दौरान ग्रामीणों ने कृषि भूमि पर निर्माण करना बंद करो, आदिवासी जमीन लूटना बंद करो, नगड़ी के ग्रामीणों का एक ही नारा- जमीन छोड़ो अधिकार हमारा, तानाशाही नहीं चलेगी, जनता की आवाज सुननी पड़ेगी आदि नारे लगाये. धरना नगड़ी बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में दिया गया था. इसमें ग्रामीणों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता व संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
धरना के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. इसमें कहा गया कि ग्रामीण रिम्स टू के विरोधी नहीं है पर नगड़ी की कृषि भूमि को छोड़कर कहीं और इसका निर्माण हो. ज्ञापन में पेसा कानून का हवाला देते हुए कहा गया कि ग्राम सभा की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है. सीएनटी एक्ट की धारा 50 और 46 के आधार पर भूमि अधिग्रहण रद्द करने का प्रावधान है. नगड़ी कृषि क्षेत्र है और इस क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए सामाजिक सर्वे भी किया गया है.
क्या कहा धरना में बैठे लोगों ने
नगड़ी के ग्रामीण विकास टोप्पो ने कहा कि हम इस मुद्दे पर वार्ता के लिए लंबे समय से मुख्यमंत्री से मिलना चाह रहे हैं. पर अभी तक उनसे मुलाकात के लिए समय नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि हम हमारी कृषि भूमि को बचाने के लिए लड़ रहे हैं और आनेवाले समय में आंदोलन और चलेगा. पूर्व विधायक देवकुमार धान ने कहा कि जनता ने पूर्व की भाजपा सरकार को इसलिए हटाया था कि वे आदिवासियों का दमन कर रहे थे. लेकिन अबुआ सरकार भी उसी राह पर है.
बंजर भूमि पर भी हो सकता है रिम्स टू निर्माण
प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि नगड़ी की जनता रिम्स टू का विरोध नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि रिम्स टू का निर्माण किसी भी बंजर भूमि पर किया जा सकता है. कृषि भूमि को छोड़ दिया जाना चाहिए. वासवी ने कहा कि मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी गयी है कि नगड़ी के ग्रामीण इस मामले में केस हार गए हैं. आदिवासी समुदाय से जमीन छीनना सही नहीं है. शिवा कच्छप, वासवी,रामानंद टोप्पो, दिनेश टोप्पो सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया.
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आदिवासी विधायकों का घेराव करेंगे
नगड़ी के ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि सभी आदिवासी विधायकों के आवास का घेराव किया जायेगा. एक कमेटी बनाकर पूरे झारखंड का दौरा किया जायेगा और लोगों से जनसमर्थन मांगा जायेगा. नगड़ी में धानरोपनी करने का भी निर्णय लिया गया.
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