युवाओं के सपनों पर पानी: JSSC ने रद्द की सचिवालय स्टेनोग्राफर परीक्षा, 455 पदों पर लटकी बहाली
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के दफ्तर की तस्वीर
JSSC Stenographer Exam: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा-2024 (विज्ञापन संख्या 24/2024 और 25/2024) को रद्द कर दिया है. पढ़ें, इसकी क्या है वजह.
रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
JSSC Stenographer Exam, रांची : झारखंड के बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आई है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने ‘झारखंड सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा-2024’ (JSSCE-2024) को पूरी तरह से रद्द कर दिया है. इस संबंध में आयोग के परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर से एक आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है. जारी पत्र के अनुसार, विज्ञापन संख्या 24/2024 और 25/2024 के तहत शुरू की गई इस पूरी चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द माना जाएगा. अचानक परीक्षा रद्द होने के इस फैसले से राज्य भर के हजारों आवेदक छात्रों में भारी आक्रोश का माहौल है, जो लंबे समय से इस परीक्षा के आयोजन का इंतजार कर रहे थे.
कार्मिक विभाग के पत्र के बाद आयोग ने लिया फैसला
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना में परीक्षा रद्द किए जाने के तकनीकी और प्रशासनिक कारणों का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है. जेएसएससी के अनुसार, राज्य के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अपने पत्र संख्या-4164 (दिनांक 23 जून 2026) के माध्यम से इस बहाली के लिए भेजी गई अपनी पूर्व अधियाचना (रिक्विजिशन) को ही वापस ले लिया है. नियमों के मुताबिक, चूंकि मुख्य विभाग ने ही रिक्तियों की मांग को वापस ले लिया है. इसी वजह से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को विवश होकर झारखंड सचिवालय आशुलिपिक प्रतियोगिता परीक्षा की पूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को बीच में ही रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा है.
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455 पदों पर होनी थी सीधी नियुक्ति
उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य सचिवालय के विभिन्न विभागों में कुल 455 रिक्त पदों पर योग्य आशुलिपिकों (स्टेनोग्राफर्स) की सीधी नियुक्ति की जानी थी. इन कुल पदों में से 454 पद ‘नियमित’ (Regular) श्रेणी के थे, जबकि 1 पद ‘बैकलॉग’ (Backlog) नियुक्ति के तहत भरा जाना था. इसके लिए राज्य भर से बड़ी संख्या में शॉर्टहैंड और टाइपिंग की तैयारी करने वाले युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरे थे और अपनी परीक्षा की तैयारियों में दिन-रात जुटे हुए थे. परीक्षा प्रक्रिया ऐन वक्त पर रद्द होने से छात्रों के समय, पैसे और मेहनत पर एक बार फिर पानी फिर गया है, जिससे छात्र संगठन अब इस फैसले को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठा रहे हैं.
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