JSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन संशोधन नियमावली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अगली सुनवाई 31 अगस्त को

Updated at : 23 Aug 2022 7:23 PM (IST)
विज्ञापन
JSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन संशोधन नियमावली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अगली सुनवाई 31 अगस्त को

Jharkhand News : झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन संशोधन नियमावली-2021 को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में प्रार्थियों की ओर से पक्ष रखा गया.

विज्ञापन

Jharkhand News : झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) स्नातक स्तरीय परीक्षा संचालन संशोधन नियमावली-2021 को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में प्रार्थियों की ओर से पक्ष रखा गया. बहस अधूरी रही. इस मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 31 अगस्त की तिथि निर्धारित की है. उस दिन प्रथम केस के रूप में मामले की सुनवाई होगी.

नियमावली से सामान्य कोटि के विद्यार्थियों के मौलिक अधिकारों का हनन

झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ में इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता कुमार हर्ष ने पैरवी की. श्री कुमार ने पक्ष रखते हुए खंडपीठ को बताया कि जेएसएससी नियमावली से सामान्य कोटि के विद्यार्थियों के मौलिक अधिकारों का हनन होता है. ये संविधान की आर्टिकल-14 व 16 का उल्लंघन है. नियमावली में यह शर्त लगाना असंवैधानिक है कि राज्य के संस्थान से ही 10वीं व इंटर की परीक्षा पास करनेवाले छात्र नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होंगे. यह शर्त सिर्फ सामान्य श्रेणी पर ही लागू है, जबकि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के मामले में इस शर्त को शिथिल कर दिया गया है. इतना ही नहीं भाषा के पेपर से हिंदी व अंग्रेजी को हटा दिया गया है, जबकि उर्दू, बांग्ला व ओडिया भाषा को शामिल किया गया है.

Also Read: झारखंड के युवाओं का विदेश में पढ़ना हुआ आसान, मिलेगी स्कॉलरशिप, CM हेमंत सोरेन ने MoU के दौरान कही ये बात

नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त करने की मांग

झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ में प्रार्थी की ओर से बहस जारी रही. राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सुनील कुमार व अधिवक्ता पीयूष चित्रेश तथा जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी प्रार्थी रमेश हांसदा, अभिषेक कुमार दुबे, विकास कुमार चौबे, रश्मि कुमारी व अन्य की ओर से अलग-अलग याचिका दायर कर जेएसएससी नियमावली को चुनौती दी गयी है. प्रार्थियों ने नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त करने की मांग की है.

Also Read: Jharkhand News : सड़क निर्माण व फ्लाईओवर से बदलेगी रांची की तस्वीर, जाम से मिलेगी राहत, देखें PHOTOS

रिपोर्ट : राणा प्रताप, रांची

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola