झारखंड की आर्थिक ताकत खनिज संसाधन, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन जरूरी: महेश पोद्दार

Updated:
विज्ञापन

स्मारिका का विमोचन करते वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर व अन्य

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

झारखंड के विकास और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर रांची प्रेस क्लब में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई. इस चर्चा में राज्य की आर्थिक ताकतों और उन्हें मजबूत करने के तरीकों पर जोर दिया गया.

विज्ञापन

रांची. प्रेस क्लब सभागार में शुक्रवार को सामाजिक-आर्थिक एवं संसदीय अध्ययन केंद्र की और से 'झारखंडः समग्र विकास के लिए संसाधन' विषय पर परिचर्चा आयोजित की गयी. कार्यक्रम में राज्य के आर्थिक विकास, उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, राजस्व क्षमता, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. इसी अवसर पर 'झारखंडः संसाधन अभिवृद्धि की अनिवार्यता' स्मारिका का विमोचन भी किया गया.

विज्ञापन

आर्थिक विकास का मूल्यांकन सामाजिक प्रभाव से किया जाना चाहिए

मौके पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य का बजट शुरुआती वर्षों के करीब 6,000 करोड़ के स्तर से बढ़कर आज बड़ा हो चुका है, लेकिन आर्थिक विकास का मूल्यांकन केवल बजट के आकार से नहीं बल्कि उसके सामाजिक प्रभाव से किया जाना चाहिए. उन्होंने मानव विकास, शिक्षा और रोजगार को आर्थिक विकास व संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया.

खनन आधारित अर्थव्यवस्था से पूरी क्षमता का उपयोग संभव नहीं

पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ महेश पोद्दार ने कहा कि झारखंड की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत खनिज संसाधन हैं. लेकिन केवल खनन आधारित अर्थव्यवस्था से राज्य की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया जा सकता. खनिजों के स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, तकनीकी क्षमता, बाजार विस्तार और रोजगार सृजन पर समान रूप से ध्यान देना होगा.

प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम

अर्थशास्त्री डॉ हरिश्वर दयाल ने कहा कि वित्तीय हस्तांतरण के माध्यम से झारखंड को लाभ मिला है. लेकिन राज्य की प्रति व्यक्ति आय अभी भी राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. उन्होंने शिक्षा को राज्य के विकास की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल करने की जरूरत बतायी. उन्होंने स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय स्वायत्तता देने तथा स्थानीय स्तर पर कर और गैर-कर राजस्व बढ़ाने की आवश्यकता बतायी.

कई लोगों ने लिया हिस्सा

संचालन डॉक्टर कमल बोस द्वारा किया गया. विषय प्रवेश संस्था के सचिव अयोध्या नाथ मिश्रा ने करायी. आयोजन में डॉक्टर एचपी नारायण, डॉ चंद्रकांत शुक्ला, शिव शंकर प्रसाद, शिव शंकर उरांव सहित अन्य शामिल रहे.

ये भी पढ़ें: सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब साल में 22 दिन मिलेगा मड़ुआ का हलुआ, इन तीन जिलों से शुरू होगी योजना

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola