झारखंड: खुले में मांस बिक्री की तो चलेगा प्रशासन का डंडा, बिना लाइसेंस नहीं बेच सकेंगे मीट, जानें कैसे करें आवेदन?
झारखंड में खुले में मांस बिक्री कर नहीं पाएंगे, Pic Credit- AI, Only for Symbolism
झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में मांस और मीट उत्पादों के कारोबार को सुव्यवस्थित करने के लिए 'झारखंड म्युनिसिपल रेगुलेशन, 2026' को मंजूरी दी है. अब व्यवसाय शुरू करने के लिए नगर निकाय से NOC और ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य होगा.
रांची : झारखंड मंत्रिपरिषद ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में मांस और मीट उत्पादों के कारोबार को सुव्यवस्थित व नियमबद्ध करने के लिए 'झारखंड म्युनिसिपल रेगुलेशन, 2026' को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है. इस नए नियम के लागू होने के बाद अब राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में मांस, मछली, मुर्गा या अन्य मीट उत्पादों का व्यवसाय करने वालों के लिए संबंधित नगर निकाय से एनओसी (NOC) और ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा, मीट दुकानदारों और वधशाला (बूचड़खाना) संचालकों के पास भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध लाइसेंस होना भी बेहद जरूरी होगा. यदि कोई कारोबारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो संबंधित नगर निकाय द्वारा उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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ऑनलाइन करना होगा आवेदन
शहरी निकायों में मीट का व्यवसाय शुरू करने अथवा उसे जारी रखने से पहले ट्रेड लाइसेंस हासिल करना अनिवार्य है. इसके लिए कारोबारी राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, वधशाला के संचालन के लिए स्थानीय निकाय की पूर्वानुमति के साथ-साथ निर्धारित स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा.
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खुले में मांस प्रदर्शित करने पर पूरी तरह रोक
नई नियमावली के अनुसार, मीट की दुकानों में खुले में मांस प्रदर्शित करने या बेचने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. दुकानदारों को मांस को शीशे के काउंटर के भीतर या ढक कर रखना होगा, ताकि उसे धूल, मक्खी, गंदगी और अन्य बाहरी प्रदूषकों से बचाया जा सके. इसके साथ ही दुकान परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा. मांस की कटाई के बाद निकलने वाले अपशिष्ट (वेस्ट) के उचित निस्तारण के लिए दुकानों में सही कंटेनर रखना होगा और नगर निकाय द्वारा जारी कचरा प्रबंधन संबंधी सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा.
वधशालाओं के लिए भी तय किए गए कड़े मानक
वधशालाओं के संचालन के लिए स्थान की उपयुक्तता, स्वच्छता, अपशिष्ट निस्तारण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी मानकों को पूरा करना होगा. उल्लेखनीय है कि झारखंड उच्च न्यायालय ने भी राज्य के शहरी निकायों में बूचड़खानों के संचालन को लेकर मॉडल नियम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था. हाईकोर्ट के इसी रुख के बाद नगर निकायों में इस तरह की गतिविधियों को तय नियमों के दायरे में संचालित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
बिना लाइसेंस कारोबार करने पर होगी जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई
बिना वैध ट्रेड लाइसेंस, एनओसी अथवा आवश्यक एफएसएसएआई लाइसेंस के कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ नगर निकाय कड़ी कार्रवाई कर सकता है. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दुकान को तुरंत बंद कराने, सामान जब्त करने, दुकान को सील करने और भारी जुर्माना लगाने जैसे सख्त प्रावधान किए गए हैं. ऐसे में सभी मीट कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने व्यवसाय को निर्बाध रूप से चलाने के लिए समय रहते सभी आवश्यक लाइसेंस और अनुमतियां हासिल कर लें.
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