लाठीचार्ज के बाद फिर HEC के कर्मचारी सड़क पर उतरे, 19 महीने के बकाया वेतन की कर रहे मांग
इस लाठीचार्ज के बाद एचईसी कर्मियों में काफी आक्रोश है. इसके विरोध में एचईसी कर्मियों ने गुरूवार सुबह से ही एचईसी हेडक्वाटर रोड को जाम कर रखा है. एचईसी कर्मियों का कहना है कि हम अपनी मांग शांति पूर्ण ढंग से रख रहे थे.
रांची, राजलक्ष्मी : एचईसी कर्मियों ने गुरूवार एचईसी हेडक्वाटर रोड को जाम कर रखा है. इस रोड से किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं है. यह आक्रोश बुधवार हुए लाठीचार्ज के बाद देखने को मिल रहा है. दरअसल करीब 19 महीने का वेतन बकाया होने से एचइसी कर्मियों के सब्र का बांध बुधवार को टूटा जब एचइसी कर्मियों ने बकाया वेतन भुगतान की मांग करते हुए निदेशक (वित्त) राजेश कुमार द्विवेदी और निदेशक (उत्पादन) एसडी सिंह का घेराव कर दिया, जिससे अधिकारी करीब नौ घंटे तक अपने कार्यालय में ही बंधक बने रहे. शाम के वक्त अधिकारियों ने सीआइएसएफ की सुरक्षा में बाहर निकलने की कोशिश की, तो कर्मियों ने विरोध शुरू कर दिया. इस पर सीआइएसएफ के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया. इसमें एचइसी के तीन कर्मी- रमेश पांडेय, जलेश्वर ठाकुर और चिराग बारला गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. वहीं, इधर-उधर भागने में करीब दर्जन भर कर्मचारी चोटिल भी हुए हैं.
इस लाठीचार्ज के बाद एचईसी कर्मियों में काफी आक्रोश है. इसके विरोध में एचईसी कर्मियों ने गुरुवार सुबह से ही एचईसी हेडक्वाटर रोड को जाम कर रखा है. एचईसी कर्मियों का कहना है कि हम अपनी मांग शांति पूर्ण ढंग से रख रहे थे. ऐसे में हमारे उपर लाठीचार्ज किया गया. यह हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारे उपर सीआइएसएफ के जवानों ने ऐसे लाठी चलाई जैसे हम कोई अपराधी हैं. कर्मचारियों का कहना है कि सीआईएसएफ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लाठी चार्ज किया. ऐसे में चाठीचार्ज करने वाले जवानों को सस्पेंड किया जाए और उनके लंबित वेतन दिया जाए.
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