व्यापारियों को मिली राहत, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 दाखिल करने की बाध्यता खत्म

अब व्यापारियों को जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 दाखिल नहीं करना होगा. केंद्र सरकार ने जीएसटी की धारा 42, 43, 43 ए को समाप्त कर दिया है. इसके साथ ही साथ आइटीसी के गलत दावे से मिली राशि को भी अपने पास रखने से दंड के रूप में सूद की वसूली नहीं होगी.
रांची : केंद्र सरकार ने जीएसटी की धारा 42, 43, 43 ए को समाप्त कर दिया है. इससे व्यापारियों को जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 दाखिल नहीं करना होगा.वहीं, जीएसटी में संशोधन कर इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत दावे से मिली राशि पर बतौर दंड सूद लगाने का नियम बदल दिया है.
अब किसी व्यापारी द्वारा आइटीसी के गलत दावे से मिली राशि को अपने पास रखने से दंड के रूप में सूद की वसूली नहीं होगी. व्यापारियों द्वारा गलत दावे से मिली आइटीसी की राशि को खर्च करने पर ही बतौर दंड सूद के साथ राशि की वसूली की जायेगी.
दो रिटर्न दाखिल करने के प्रावधान को समाप्त कर दिया है. साथ ही आइटीसी दावे की ��मय सीमा दो महीने बढ़ा दी है. पहले अगले वित्तीय वर्ष के सितंबर माह तक दावा करने का समय निर्धारित था. इसे बढ़ा कर नवंबर कर दिया गया है. जीएसटी के नियमों में किये गये इस संशोधन से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है. लंबे समय से व्यापारियों द्वारा दंड के इस प्रावधान को बदलने की मांग की जा रही थी.
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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