झारखंड हाईकोर्ट में बेनकाब हुआ सरकारी ढिंढोरा, जज ने खुद गुटखा मंगाकर दिखाया कहीं बैन नहीं ये...

Updated at : 16 Oct 2020 10:37 PM (IST)
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झारखंड हाईकोर्ट में बेनकाब हुआ सरकारी ढिंढोरा, जज ने खुद गुटखा मंगाकर दिखाया कहीं बैन नहीं ये...

Jharkhand news, Ranchi news : झारखंड हाईकोर्ट में गुटखा प्रतिबंध मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में इसकी सुनवाई हुई. इसी दौरान एक स्टाफ दुकान से विभिन्न कंपनियों के प्रतिबंधित पान मसाले और तंबाकू के पाउच खरीद कर ले आया. प्रतिबंधित पान मसाले और तंबाकू के पाउच को देख चीफ जस्टिस ने विशेष सचिव से पूछा कि यह कैसा प्रतिबंध है, जहां प्रतिबंधित चीज भी हर जगह खुलेआम बिक रही है? इस पर खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के विशेष सचिव ने खंडपीठ को आश्वस्त किया कि इसकी जांच कर अविलंब कार्रवाई की जायेगी. हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दायर करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 दिसंबर को होगी.

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Jharkhand news, Ranchi news : रांची : झारखंड हाईकोर्ट में गुटखा प्रतिबंध मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में इसकी सुनवाई हुई. इसी दौरान एक स्टाफ दुकान से विभिन्न कंपनियों के प्रतिबंधित पान मसाले और तंबाकू के पाउच खरीद कर ले आया. प्रतिबंधित पान मसाले और तंबाकू के पाउच को देख चीफ जस्टिस ने विशेष सचिव से पूछा कि यह कैसा प्रतिबंध है, जहां प्रतिबंधित चीज भी हर जगह खुलेआम बिक रही है? इस पर खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के विशेष सचिव ने खंडपीठ को आश्वस्त किया कि इसकी जांच कर अविलंब कार्रवाई की जायेगी. हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दायर करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 दिसंबर को होगी.

शुक्रवार को राज्य में प्रतिबंधित पान मसाले और गुटखा मामले में फरियादी फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकाेर्ट में सुनवाई हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के विशेष सचिव चंद्र किशोर उरांव ने कोर्ट में राज्य में गुटखा समेत अन्य पान मसाले प्रतिबंध होने की बात बतायी.

सुनवाई के दौरान ही कोर्ट के एक कर्मचारी ने गुटखा लाकर राज्य सरकार के दावे को बेनकाब कर दिया. इस दौरान चीफ जस्टिस ने विशेष सचिव से पूछा कि यह कैसा प्रतिबंध है कि खुलेआम पान मसाला और गुटखा बिक रहे हैं. खंडपीठ ने पान मसाला और जर्दा अलग- अलग पाउच में खुलेआम बेचे जाने की बात कही. विशेष सचिव के जांच करने की बात पर खंडपीठ ने कहा कि यह जांच का विषय नहीं, बल्कि एक्शन लेने का विषय है.

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खंडपीठ ने कहा कि जिंदगी महंगी है, लेकिन जर्दा, गुटखा सस्ता बिक रहा है. गुटखा पर प्रतिबंध हाथी के दिखाने के दांत के जैसे हैं. अब मामले की अगली सुनवाई खंडपीठ ने 4 दिसंबर को तय की है. इस सुनवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के सचिव को उपस्थित रहने को कहा गया है.

इधर, इस मामले में फरियादी फाउंडेशन की ओर से अधिवक्ता सुष्मिता लाल ने पैरवी की, वहीं राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने सरकार का पक्ष रखा. बता दें कि राज्य में 11 विभिन्न प्रकार के गुटखा एवं पान मसाला उत्पादों को प्रतिबंधित किया गया है. राज्य में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध 25 जुलाई, 2021 तक लागू है.

Posted By : Samir Ranjan.

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