रांची के चिड़िया घर में पहली बार आर्टिफिशियल इंक्यूबेशन से नाग के पांच बच्चों का हुआ जन्म
जू में पहली बार कोबरा की कराई गई कृत्रिम ब्रीडिंग
रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान में पहली बार, नाग सांप के अंडों का सफलतापूर्वक कृत्रिम ऊष्मायन (artificial incubation) किया गया, जिससे पांच स्वस्थ नाग शिशुओं का जन्म हुआ है.
रांची/ओरमांझी. भगवान बिरसा जैविक उद्यान, ओरमांझी में पहली बार सांपों की कृत्रिम ब्रीडिंग के तहत नाग सांप (स्पेक्टेकल्ड कोबरा) के अंडों का कृत्रिम ऊष्मायन (आर्टिफिशियल इंक्यूबेशन) सफलतापूर्वक कराया गया है. इस प्रक्रिया से पांच स्वस्थ नाग शिशुओं का जन्म हुआ है. इसके साथ ही सैंड बोआ के भी आठ स्वस्थ शिशुओं का जन्म हुआ है. उद्यान प्रबंधन के अनुसार, नाग सांप के अंडों को लगभग 70 दिनों तक वैज्ञानिक पद्धति से नियंत्रित तापमान और आर्द्रता में रखा गया. निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पांचों स्वस्थ शिशु सफलतापूर्वक अंडों से बाहर निकले. पूरी प्रक्रिया उद्यान के जीव वैज्ञानिक (जू बायोलॉजिस्ट सह हर्पेटोलॉजिस्ट) विवेकानंद कुमार के मार्गदर्शन और देखरेख में वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संपन्न करायी गयी.
विशेषज्ञों की निगरानी में रखे गये नवजात सांप
भगवान बिरसा जैविक उद्यान के निदेशक जब्बर सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि उद्यान के वैज्ञानिक प्रबंधन, समर्पित टीमवर्क और वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नाग सांप के अंडों का पहली बार कृत्रिम ऊष्मायन के माध्यम से सफल हैचिंग होना बेहद गर्व की बात है. यह उपलब्धि भविष्य में सरीसृप संरक्षण, अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रजनन कार्यक्रमों को नयी दिशा देगी. सभी नवजात सांपों को पशु चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश साहू व विशेषज्ञों की सतत निगरानी में रखा गया है.
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