झारखंड के किसान भी उतरेंगे सड़क पर. 10 अगस्त को देशभर में जेल भरो, रेल रोको और सड़क रोको आंदोलन

सम्मेलन में शामिल देशभर से आए किसान और किसान नेता
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो, रेल रोको और सड़क रोको आंदोलन की घोषणा की है. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर आयोजित इस राष्ट्रीय कन्वेंशन में किसानों, श्रमिकों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं से आंदोलन को व्यापक बनाने की अपील की गई है.
रांची : किसानों और श्रमिकों के राष्ट्रीय कन्वेंशन में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो, रेल रोको और सड़क रोको आंदोलन का आह्वान किया है. नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय कन्वेंशन में झारखंड से एक हजार से अधिक किसान-मजदूर कार्यकर्ताओं की भागीदारी का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम में किसानों, श्रमिकों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं से आंदोलन को व्यापक बनाने की अपील की गई. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशन-एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कन्वेंशन में देशभर से बड़ी संख्या में किसान और श्रमिक प्रतिनिधि शामिल हुए. तालकटोरा स्टेडियम प्रतिभागियों से खचाखच भरा रहा.
सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की अपील
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव बीजू कृष्णन ने कहा कि किसान आंदोलन और उसके बाद छात्रों के आंदोलनों ने यह साबित किया है कि जनआंदोलन के दम पर सरकार को फैसले बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों और मजदूरों के साथ छात्रों, युवाओं और महिलाओं को भी अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष में शामिल होना होगा.
झारखंड से मजबूत भागीदारी का दावा
झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव एवं अखिल भारतीय किसान सभा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुफल महतो ने कहा कि देश की जनता किसान और मजदूर विरोधी नीतियों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि 10 अगस्त का देशव्यापी जेल भरो आंदोलन ऐतिहासिक होगा.
इन मुद्दों पर बनी रणनीति
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग.
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी.
- किसानों की कर्ज माफी.
- चारों लेबर कोड वापस लेने की मांग.
- मनरेगा को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग.
- बीज विधेयक वापस लेने की मांग.
- नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग.
- पेपर लीक पर रोक लगाने की मांग.
- ₹42 हजार न्यूनतम वेतन की गारंटी.
- सभी नागरिकों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा की गारंटी.
कई राष्ट्रीय नेताओं ने किया संबोधित
कन्वेंशन को सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक ढावले, बीकेयू नेता राकेश टिकैत, बीजू कृष्णन समेत किसान और मजदूर संगठनों के कई राष्ट्रीय नेताओं ने संबोधित किया. झारखंड से सुफल महतो, असिम सरकार, विश्वजीत देव, संजय पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान और श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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