डिग्री घोटालाः 33 अभ्यर्थियों के नामांकन से परीक्षा पास करने तक की होगी जांच, उच्च शिक्षा विभाग को मिली जिम्मेवारी

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महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा-2023 में सफल 33 अभ्यर्थियों की स्नातक डिग्री, नामांकन, उपस्थिति और परीक्षा प्रक्रिया की विस्तृत जांच होगी. एक ही निजी विश्वविद्यालय से एक ही सत्र में समाजशास्त्र विषय से स्नातक करने और लगभग समान अंक मिलने के कारण सत्यापन कराया जा रहा है. जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित रहेगी, जबकि इसी विश्वविद्यालय से जुड़े माध्यमिक आचार्य भर्ती के अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की भी जांच जारी है.
सुनील कुमार झा की रिपोर्ट
रांचीः महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा-2023 में सफल 33 अभ्यर्थियों की नामांकन से लेकर स्नातक परीक्षा पास करने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी. इसकी जांच उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से कराई जाएगी. इस संबंध में समाज कल्याण विभाग ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है, जिसमें सभी अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है. विभाग ने 33 अभ्यर्थियों के नाम, उनके स्नातक प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज भी दिए हैं. राज्य में स्नातक स्तर की शिक्षा का प्रशासनिक दायित्व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के पास है, ऐसे में संबंधित विश्वविद्यालय और आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन इसी विभाग के माध्यम से कराया जाएगा. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया जांच पूरी होने तक रुकी रहेगी. अभ्यर्थियों के नाम के साथ-साथ उनके स्नातक की डिग्री भी विभाग को भेजी गई है. ज्ञात हो कि परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों में से 33 ने राज्य के एक निजी विवि से एक ही सत्र में स्नातक की परीक्षा पास की है. इन सभी अभ्यर्थियों के स्नातक में प्राप्तांक भी लगभग एक समान हैं. महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति परीक्षा सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड) मोड में हुई थी. सभी ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे गए थे. यह परीक्षा जेएसएससी ने ली थी.
जांच के बिंदु
- क्या सभी अभ्यर्थियों की स्नातक डिबी विश्वविद्यालय द्वारा विधिवत जारी की गयी है?
- अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय में कब नामांकन लिया, कक्षा में उपस्थिति का रिकॉर्ड क्या रहा ?
- परीक्षा, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन और परीक्षक की जानकारी ली जा सकती है?
- आतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक कार्य का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं?
- उत्तर पुस्तिकाएं, उपस्थिति पत्रक, परीक्षा केंद्र और परीक्षकों के रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं?
- क्या किसी एजेंट, कोचिंग संस्थान या बिचौलिये ने अभ्यर्थियों को एक साथ प्रवेश दिलाया?
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सभी 33 अभ्यर्थियों ने समाजशास्त्र विषय ही चुना
परीक्षा में सफल सभी 33 अभ्यर्थियों ने राज्य के एक निजी विश्वविद्यालय से एक ही सत्र में स्नातक की परीक्षा पास की है. सभी अभ्यर्थियों ने स्नातक पास करने के लिए समाजशास्त्र विषय का ही चयन किया. महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति परीक्षा में तीन विषयों से स्नातक को ही आवेदन का अवसर मिला था. इनमें समाजशास्त्र, मनोविज्ञान औ गृह विज्ञान विषय शामिल था.
अभ्यर्थियों तक भी पहुंचेगा जांच का दायरा
प्रमाण पत्र की जांच का दायरा अभ्यर्थियों तक भी पहुंच सकता है. जांच के दौरान अभ्यर्थियों से पूछताछ कर उनके बयान का विश्वविद्यालय और अन्य अभिलेखों से मिलान किया जा सकता है. जिससे कि सफल अभ्यर्थियों की स्नातक शैक्षणिक गतिविधि की जानकारी ली जा सके.
माध्यमिक आचार्य के अभ्यर्थियों के कागजात की भी हो रही है जांच
माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में कंप्यूटर साइंस, एआइ एंड कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा साइंस विषय में सफल अभ्यर्थियों के कागजात की भी जांच हो रही है. उल्लेखनीय है कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि इन विषयों में सफल अधिकतर अभ्यर्थियों का शैक्षणिक प्रमाण पत्र एक ही निजी विवि ने जारी किया है. परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की डिग्री उसी विवि की है, जहां से महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति में सफल 33 अभ्यर्थियों ने स्नातक किया था.
नियुक्ति पत्र वितरण में हो सकता है विलंब
माध्यमिक आचार्य परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को इस माह नियुक्ति पत्र वितरित करने की तैयारी थी. हालांकि, कुछ शिकायतों के बाद पहले इस मामले की अब जांच होनी तय है. जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इससे नियुक्ति पत्र वितरण में अब विलंब हो सकता है.
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लेखक के बारे में
By अर्चना कुजूर
अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.
झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.
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