झारखंड: शहरों में जमीन-मकान-फ्लैट लेना हुआ महंगा, कब से और कितने पैसे बढ़ जाएंगे?

Author Sweta Vaidya|Edited by Janardan Pandey
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सांकेतिक तस्वीर. (AI Image)

झारखंड में अब शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है. सरकार ने 'झारखंड नगरपालिका भूमि, भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली-2026' लागू कर दी है.

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Jharkhand Property Registration News: झारखंड के शहरी क्षेत्रों में जमीन, मकान या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. राज्य सरकार ने ‘झारखंड नगरपालिका भूमि, भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली-2026’ लागू कर दी है. इसके लागू होने के साथ ही सभी शहरी निकाय क्षेत्रों-नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भूमि और भवन के स्थानांतरण पर कुल निबंधन शुल्क का 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज भी खरीदार को देना होगा. 

आपके शहर में

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फिलहाल, जमीन या फ्लैट के निबंधन के लिए खरीदारों को संपत्ति के मूल्य अथवा सरकारी निर्धारित सर्किल रेट, जो अधिक हो, उसके आधार पर पांच प्रतिशत जीएसटी के अलावा चार प्रतिशत स्टांप शुल्क और तीन प्रतिशत निबंधन शुल्क समेत कुल सात प्रतिशत शुल्क का भुगतान करना होता है. अब इसके साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार भी जुड़ जायेगा. राज्य सरकार को अधिभार से मिलने वाली राशि संबंधित नगर निकायों को उपलब्ध करायी जायेगी. इसका उपयोग सड़क, पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य शहरी आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जायेगा.

रियल एस्टेट कारोबारी बोले- खरीदारों पर बढ़ेगा बोझ

इधर, रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि नयी व्यवस्था से संपत्ति खरीदने वालों की शुरुआती लागत बढ़ेगी. बिल्डर मनोज सिंह कहते हैं कि रजिस्ट्री पहले से ही महंगी है. इसमें सरचार्ज की वसूली से क्रेता पर ही बोझ बढ़ेगा. हालांकि, सरकार का तर्क है कि सरचार्ज से मिलने वाला राजस्व अंततः शहरी विकास पर खर्च होगा.

एक्सप्लेनर: 50 लाख की प्रोपर्टी लेने पर लगेंगे अतिरिक्त 35 हजार रुपये

फिलहाल राज्य के किसी शहरी क्षेत्र में पहले 50 लाख रुपये की संपत्ति खरीदने पर जीएसटी के रूप में कुल मूल्य का पांच प्रतिशत यानी ढाई लाख रुपये देने होते हैं. इसके अलावा चार प्रतिशत स्टाम्प शुल्क के रूप में दो लाख रुपये और तीन प्रतिशत निबंधन शुल्क के रूप में डेढ़ लाख रुपये (कुल 3.5 लाख रुपये) का भुगतान करना होता है. नयी व्यवस्था लागू होने के बाद उक्त मूल्य की संपत्ति खरीदने पर कुल निबंधन शुल्क (3.5 लाख रुपये) का 10 प्रतिशत यानी 35000 रुपये अतिरिक्त सरचार्ज भी देना होगा. इस तरह नये नियमों के तहत 50 लाख रुपये की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर कुल छह लाख 35 हजार रुपये शुल्क के रूप में देने होंगे.

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