अलबर्ट एक्का चौक पर गूंजे ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे, 25 फीट ऊंची दही-हांडी फोड़ने को गोविंदाओं ने दिखाया दम

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रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर नमो दही-हांडी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। राज्यपाल संतोष गंगवार ने विजेताओं को सम्मानित किया और श्रीकृष्ण के संदेशों को साझा किया।

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रांची. राजधानी रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति की ओर से नमो दही-हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच आयोजित प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया. उन्होंने मंच पर माखन से भरी दही-हांडी को नारियल से फोड़कर प्रतियोगिता की शुरुआत की. इस अवसर पर रक्षा राज्यमंत्री सह समिति के मुख्य संरक्षक संजय सेठ, सांसद आदित्य साहू, संरक्षक विधायक सीपी सिंह, विधायक नवीन जायसवाल, मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

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भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आस्था के साथ कर्म की प्रेरणा : राज्यपाल

राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आस्था के साथ जीवन-दर्शन और कर्म की प्रेरणा देता है. उनके जीवन में मित्रता, करुणा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने का साहस दिखाई देता है. श्रीमद्भगवद्गीता का कर्मयोग का संदेश हमें पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा देता है. उन्होंने दही-हांडी प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया.

मुंबई और कानपुर के कलाकारों ने भजनों से झुमाया

कार्यक्रम में मुंबई से सतीश कृष्ण मूर्ति के नेतृत्व में पहुंची कलाकारों की टीम ने भजन जैमिंग की प्रस्तुति दी. श्रीकृष्ण के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे. वंदे मातरम की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही. समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच 2000 तिरंगे वितरित किये गये. कानपुर से पहुंचे मन्नू पंडित ने भी भजनों की प्रस्तुति दी.

दही-हांडी में पुरुष और महिला गोविंदा दलों ने दिखाया साहस

नमो दही-हांडी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला गोविंदा दलों ने हिस्सा लिया. पुरुष वर्ग में पांच और महिला वर्ग में दो टीमों ने भाग लिया. पुरुष गोविंदा दलों के लिए 25 फीट और महिला गोविंदा दलों के लिए 20 फीट की ऊंचाई पर दही-हांडी बांधी गयी थी. गोविंदाओं ने मानव पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ने का प्रयास किया.

विजेता टीमों के लिए 71 हजार तक का पुरस्कार

पुरुष गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 71 हजार और द्वितीय पुरस्कार 41 हजार रुपये रखा गया था. महिला गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 51 हजार और द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपये निर्धारित किया गया था. प्रतियोगिता के समापन पर विजेता टीमों को मंच पर सम्मानित कर नकद पुरस्कार प्रदान किये गये.

एकता और सामूहिकता को मजबूत करता है आयोजन : संजय सेठ

मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि पिछले 16 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है. जन्माष्टमी का यह आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में एकता और सामूहिकता की भावना को मजबूत करता है.

सेवा संगठनों ने संभाली व्यवस्था

कार्यक्रम के दौरान मारवाड़ी युवा मंच की ओर से चाय, बिस्किट और पानी की निःशुल्क व्यवस्था की गयी. माहेश्वरी सभा की ओर से एक्यूप्रेशर की सुविधा उपलब्ध करायी गयी. वहीं, नागरमल मोदी सेवा सदन और ऑर्किड हॉस्पिटल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी थी.

कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष मुकेश काबरा, संरक्षक अजय मारू, वरुण साहू, प्रमोद सारस्वत समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे. आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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