ब्लैक लिस्टेड एजेंसी ले रही थी JPSC की परीक्षाएं, CID के छापे के बीच चेयरमैन ने दिया इस्तीफा

Updated:
विज्ञापन
मंगलवार की रात तक जेपीएससी मुख्यालय में हो रही थी छापेमारी, बाहर तैनात थे पुलिसकर्मी

मंगलवार की रात तक जेपीएससी मुख्यालय में हो रही थी छापेमारी, बाहर तैनात थे पुलिसकर्मी

सिविल सेवा परीक्षाओं में धांधली की शिकायत के बाद JPSC मुख्यालय समेत कई ठिकानों पर CID ने छापेमारी की. इस कार्रवाई के बीच JPSC चेयरमैन एल खिंयांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता सहित आठ स्टाफ हिरासत में लिए गए हैं.

विज्ञापन

JPSC CID Raid News: सिविल सेवा समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को JPSC मुख्यालय सहित सात ठिकानों पर सीआइडी ने छापा मारा. इसमें उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, अन्य स्टाफ और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल के ठिकाने भी शामिल हैं. टीडीपीएल का पूरा नाम टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड है और यह जेपीएससी से जुड़े परीक्षा कार्यों में शामिल रहती है. एजेंसी के डायरेक्टर सतपाल सिंह और रणवीर सिंह बताये जा रहे हैं. 

मख्यमंत्री के पास पहुंच रही थी परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. जेपीएससी के एक सदस्य और अन्य लोगों ने इस संबंध में शिकायत की थी. जिसके बाद सीआइडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की. फिलहाल टीम जेपीएससी और टीडीपीएल के आठ स्टाफ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. 

JSSC ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाला था

20 मई 2025 को परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर जेएसएससी ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाल दिया था. लेकिन उसके बाद भी यह एजेंसी जेपीएससी में न केवल परीक्षाओं का संचालन कर रही थी, बल्कि सभी आठ तरह के संवेदनशील काम यही कर रही थी. जबकि इससे पहले परीक्षा में अलग-अलग एजेंसियों से अलग-अलग काम लिये जाते थे. 

जेपीएससी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा 

इधर छापेमारी के बीच जेपीएससी अध्यक्ष एल खिंयांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है. हालांकि लोकभवन ने अब तक इस्तीफा देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. 1988 बैच के आइएएस एल खियांग्ते राज्य के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी में अध्यक्ष के पद पर योगदान दिया था. बताया जाता है कि आयोग में किसी काम की भनक तक अध्यक्ष एल खिंयांग्ते व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के अलावा किसी को नहीं लग रही थी. 

सबूतों को खंगाल रही टीम

छापेमारी टीम ने कई दस्तावेजों के अलावा डिजिटल उपकरण और हार्ड डिस्क आदि भी जब्त किये हैं. छापेमारी टीम के सदस्य जब्त सबूतों को खंगालने में जुटे हैं. राज्य सरकार को जेपीएससी के एक सदस्य और अन्य लोगों से कई शिकायतें मिली थीं. जिसके बाद सरकार के निर्देश पर सीआइडी ने अपने थाना में प्राथमिकी दर्ज कर यह कार्रवाई शुरू की. सीआइडी की यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी.

तबादले के डेढ़ माह बाद भी श्वेता गुप्ता ने जेपीएससी क्यों नहीं छोड़ा

सीआइडी की छापेमारी के बीच इस बात की चर्चा रही कि जब जेपीएएसी की परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का करीब डेढ़ माह पहले ही तबादला हो गया था, तो वह जेपीएससी आना-जाना क्यों नहीं छोड़ी थी. किसके कहने पर वह वहां आ-जा रही थी. यह भी जांच का विषय है.

यूपी में भी टीडीपीएल काली सूची में, पर जेपीएससी रहा मेहरबान

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अनियमितताओं के बाद टीडीपीएल एजेंसी को काली सूची में डाल दिया था. फिर भी एजेंसी को झारखंड में जेपीएससी ने कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के संचालन की जवाबदेही दी. यह एजेंसी परीक्षाओं की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, एडमिट कार्ड तैयार करना, प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर शीट की स्कैनिंग, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग और रिजल्ट तैयार करने तक के काम में शामिल रही. एजेंसी जेपीएससी द्वारा आयोजित नगर निगम कार्यपालक अभियंता भर्ती परीक्षा, झारखंड स्वास्थ्य सेवा संयुक्त नियुक्ति परीक्षा और झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा के विभिन्न चरणों में शामिल रही.

टीडीपीएल का मैनेजर जेएसएससी और जेपीएससी की चार परीक्षाओं में रहा सफल

टीडीपीएल कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी पर नगड़ी के एसएस शर्मा ने थाना, सीबीआइ और इडी आदि में शिकायत की गयी थी. आरोप लगा था कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं में उसने सफलता पायी. इनमें पीजीटीटीसीइ-2023 में रोल नंबर 10309146, जेएसएससी-सीजीएल-2023 में रोल नंबर 1237696 (रैंक-2), एसीएफ (पीटी) परीक्षा 2024 में रोल नंबर 24300086, एमआरओ (पीटी) परीक्षा 2024 में रोल नंबर 24400147 और एफएसओ लिखित परीक्षा 2023 शामिल हैं. आरोप है कि इसमें आरोपी ने संगठित परीक्षा सिंडिकेट के लिए काम किया.

FRO परीक्षा में 350 से अधिक ओएमआर सीटों पर धांधली के भी आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि वन रेंज अधिकारी (एफआरओ) की 350 से अधिक और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) की 150 से अधिक ओएमआर शीट में हेराफेरी की गयी है. यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उम्मीदवारों से मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रद्द किये गये चेक, हस्ताक्षरित खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरित ए-4 शीट एकत्र की हैं.

ये भी पढ़ें: गुमला में सेना के जवान से 21.37 लाख रुपये की ठगी, एसपी-डीसी से लगाई इंसाफ की गुहार

सहायक वनरक्षक पीटी में ओएमआर शीट खाली छोड़ा, फिर भी सफल रही

आरोप है कि 13 जुलाई 2025 को सहायक वनरक्षक पीटी में एक महिला अभ्यर्थी शामिल हुई थी. लेकिन परीक्षा की ओएमआर शीट में सिर्फ रोल नंबर लिखकर उसने छोड़ दिया. चर्चा रही कि एक होटल में इसकी खाली ओएमआर सीट को भरकर उसे पीटी में पास करा दिया गया.

एल खिंयांग्ते के कार्यकाल की विवादित परीक्षाएं

  • सिविल सेवा परीक्षा 2025
  • फॉरेस्ट रेंज अफसर नियुक्ति
  • सहायक वन संरक्षक नियुक्ति
  • झारखंड पात्रता परीक्षा
  • प्रोजेक्ट मैनेजर
  • सिविल जज (जूनियर डिविजन)
  • परियोजना प्रबंधक
  • मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति
  • एपीपी नियुक्ति

इससे पूर्व भी विवादों में रहा है जेपीएससी

जेपीएससी आरंभ से ही विवादों में रहा है. सिविल सेवा नियुक्ति एक, दो, झारखंड पात्रता परीक्षा, इंजीनियर नियुक्ति, मार्केटिंग अफसर सहित 18 परीक्षाओं की सीबीआइ जांच चल रही है. इसके अलावा सिविल सेवा चौथी, पांचवीं, छठी के साथ-साथ नगर विकास विभाग में कार्यपालक अभियंता नियुक्ति भी विवादों में रही, जिसमें विरोध होने पर आयोग को संशोधित रिजल्ट जारी करना पड़ा. इससे पूर्व सिविल सेवा परीक्षा 2023 में एडहॉक टीचर से मूल्यांकन कार्य कराने का आरोप लगा. वहीं आयोग में ब्लैकलिस्टेड कंपनी से ही आवेदन मंगाने से लेकर रिजल्ट तक जारी करने का मामला सामने आया. इससे पूर्व प्रभात खबर ने ब्लैक लिस्टेट कंपनी से आयोग का कार्य कराने का मामला प्रकाशित किया था, तो कार्मिक विभाग ने आयोग से तीन सवालों पर पूरी जानकारी मांगी थी. जिसमें आयोग ने कंपनी के ब्लैक लिस्टेड होने से साफ इनकार कर दिया था. आयोग की लगभग सभी नियुक्ति परीक्षा का मामला झारखंड उच्च न्यायालय में पहुंचा है.

2024 से शुरू हुई कहानी, अब निर्देश पर सीआइडी आयी एक्शन में

जेपीएससी की मौजूदा गड़बड़ी की कहानी साल 2024 में शुरू हुई, जब वहां के परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा ने टीडीपीएल की गड़बड़ी की जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष को दी. लेकिन तब तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा को उनके पद से हटा दिया गया. इसके बाद यहां श्वेता गुप्ता आयीं. श्वेता गुप्ता उप -परीक्षा नियंत्रक के पद पर हैं, पर काम परीक्षा नियंत्रक की ही तरह देखने लगीं. इनके कार्यकाल में परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल का काम ठीक-ठाक चलता रहा. लेकिन मा्मला तब बिगड़ा जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच गयी. जिसमें बताया गया था कि जेपीएससी में एक नेक्सस काम करने लगा है.

ये भी पढ़ें: हजारीबाग: खेत देखने गए किसान की हाथियों के हमले में मौत, जंगल के पास मिला शव


विज्ञापन
श्वेता वैद्य

लेखक के बारे में

By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola