Cyber अपराधियों को पकड़ने के लिए BIT मेसरा तैयार करेगा 'साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी', सीथ्रीआई हब करेगा सहयोग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Mar 2023 10:17 AM
आइआइटी कानपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सह प्रोजेक्ट डायरेक्टर सीथ्रीआइ हब पद्मश्री डॉ मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस करार के तहत संस्थान में साइबर सिक्योरिटी ऑडिट के बाद साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की जायेगी
रांची, अभिषेक राय : इंटरनेट और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से साइबर क्राइम अब सामाजिक समस्या बन चुका है. मोबाइल खोने या चोरी होने पर लोगों के डाटा नष्ट हो जाते हैं. खोये डाटा को वापस कैसे लाया जाये, इस पर शोध की जरूरत है. इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए बीआइटी मेसरा में ‘साइबर सिक्योरिटी इनिशिएटिव’ की शुरुआत होगी. आइआइटी कानुपर का सीथ्रीआइ हब इसमें सहयोग करेगा. इसकी मदद से ‘साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी’ तैयार की जायेगी. ताकि, आने वाले समय में डाटा सिक्योरिटी, डाटा रिकवरी, डाटा मॉनिटरिंग के साथ साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किया जायेगा. उक्त बातें बीआइटी मेसरा के रजिस्ट्रार डॉ संदीप दत्ता ने बुधवार को बीआइटी लालपुर एक्सटेंशन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही. उन्होंने कहा कि इस पहल में भारत सरकार के साइबर सेल एडवाइजर सह सुत्रा मॉडल के जनक पद्मश्री डॉ मनिंद्र अग्रवाल सहयोग करेंगे. गुरुवार को आइआइटी कानपुर के सीथ्रीआइ हब के साथ करार किया जायेगा.
आइआइटी कानपुर के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग सह प्रोजेक्ट डायरेक्टर सीथ्रीआइ हब पद्मश्री डॉ मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस करार के तहत संस्थान में साइबर सिक्योरिटी ऑडिट के बाद साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी तैयार की जायेगी. संस्था के सभी कंप्यूटर और राउटर की लगातार मॉनिटरिंग हो, इसके लिए इन्वेंट्री तैयार की जायेगी. साथ ही संस्था के इंजीनियर्स का साइबर हमले से कैसे बचाव किया जा सकता है, इसका प्रशिक्षण दिया जायेगा. साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए ‘हनी पॉट’ जैसी आधुनिक तकनीक विकसित की जायेगी. हनी पॉट के तहत साइबर हमले के मूल सोर्स को फेक सर्वर में उलझाने की पहल की जायेगी. साथ ही साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के बीच लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे.
डॉ अभिजीत ने कहा कि संस्थान का महत्वपूर्ण डाटा सुरक्षित रहे, इसके लिए साइबर सिक्योरिटी हब तैयार किया जायेगा. आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया की जानकारी दूसरे संस्थानों को भी दी जायेगी. डॉ मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि देश में टेक्निकल इनोवेशन हब के तहत 25 संस्थानों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गयी हैं. सीथ्रीआइ हब इसमें साइबर सिक्योरिटी को बढ़ावा देने का काम कर रहा है. इसके लिए बीआइटी के इंजीनियर्स के साथ सीथ्रीआइ हब से जुड़े तीन स्टार्टअप टीम मिलकर काम करेगी.
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