बिरसा सेंट्रल जेल के अधीक्षक व CM आवास के सुरक्षा अधिकारी को ED ने बुलाया, इन सवालों के देने होंगे जवाब

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Oct 2022 6:32 AM

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ED ने बिरसा सेंट्रल जेल अधीक्षक व सीएम आवास के सुरक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर 19 व 20 अक्तूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है. जेल अधीक्षक से अमित अग्रवाल के मामले पर पूछताछ की जाएगी.

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रांची: इडी ने रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के अधीक्षक हामिद अख्तर व सीएम आवास के सुरक्षा अधिकारी को नोटिस जारी की है. जेल अधीक्षक को 19 अक्तूबर व सीएम आवास के सुरक्षा अधिकारी को 20 अक्तूबर को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है. सीएम आवास के सुरक्षा अधिकारी को डीजीपी के माध्यम से नोटिस भेजी गयी है. जेल अधीक्षक से अमित अग्रवाल द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता नियुक्ति के लिए इस्तेमाल किये गये वकालतनामा को लेकर पूछताछ की जायेगी.

उन्हें बताना होगा कि उन्होंने अभियुक्त अमित अग्रवाल के वकालतनामा पर उसके हस्ताक्षर को कब सत्यापित किया था. उस समय अभियुक्त न्यायिक हिरासत में जेल में था या इडी की रिमांड पर. सीएम आवास के सुरक्षा अधिकारी को प्रेमप्रकाश के घर से मिले दो एके-47 और 60 गोलियों को लेकर जानकारी देनी होगी. बताना होगा कि सीएम आवास की सुरक्षा में तैनात दोनों गार्ड ड्यूटी पर थे या नहीं. उनके हथियार पीपी के घर कैसे पहुंचे. इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की.

सचिव स्तर के अफसरों से पैसे कलेक्ट करता था पीपी

अवैध खनन में गिरफ्तार प्रेम प्रकाश (पीपी) राज्य के वरीय अधिकारियों से पैसा कलेक्ट करता था. प्रेम प्रकाश के कर्मचारी अनिल झा ने प्रवर्तन निदेशालय (इडी) को दिये अपने बयान में इसकी जानकारी दी है. साथ ही यह भी कहा है कि वह प्रेम प्रकाश के निर्देश पर साल में 25-30 करोड़ रुपये नकद लाकर उसे देता था. अनिल झा ने एक बार पेंटालून के बेसमेंट के पास से एक आदमी से एक करोड़ रुपये लाकर प्रेम प्रकाश को दिये थे. उसने जिस व्यक्ति से पैसा लिया था, वह सीए सुमन कुमार ही था, वह यह निश्चित तौर पर नहीं कह सकता है.

प्रभावशाली लोगों से रखता है संबंध : अनिल झा ने बयान में यह कहा है कि प्रेम प्रकाश का संबंध राज्य के प्रभावशाली लोगों के साथ है. वह टेंडर मैनेज करने में परसेंटेज लेता है. इसके अलावा प्रभावशाली लोगों के लिए पैसा कलेक्ट करता था. इडी के अधिकारियों ने उससे यह जानना चाहा था कि वह कौन-कौन से प्रभावशाली लोग हैं, जिनके लिए प्रेम प्रकाश पैसा कलेक्ट करता था,

इसके जवाब में अनिल झा ने यह कहा कि उसे सही-सही इस बात की जानकारी नहीं है कि वे कौन-कौन से प्रभावशाली लोग हैं. उसे जो जानकारी है, उसके हिसाब से प्रेम प्रकाश सचिव स्तर के कुछ अफसरों से पैसा कलेक्ट करता था. उसके अलावा सात दूसरे लोग भी विभिन्न स्थानों से पैसा कलेक्ट कर प्रेम प्रकाश को देते हैं. इन लोगों में रवि स्टील झीरी रोड रांची के राजदीप, विद्यानगर हरमू निवासी अरविंद कुमार दुबे, अरगोड़ा चौक अशोक नगर निवासी सुर्यांश, सहजानंद चौक निवासी राजेश दत्ता व धनंजय, डोरंडा निवासी कौसर और वर्दमान कंपाउंड लालपुर चौक निवासी सीए योगेश के नाम शामिल हैं.

अनिल झा ने कहा कि प्रेम प्रकाश उस पर बहुत विश्वास करता था. उसी के निर्देश पर वह विभिन्न लोगों के पास से पैसा लाकर उसे देता था. हालांकि वह यह नहीं जानता कि यह पैसा कहां से आता था. इडी अधिकारियों द्वारा सीए सुमन कुमार सिंह की तस्वीर दिखाये जाने के बाद उसने अपने बयान में कहा कि उसके ठिकानों पर छापेमारी के बाद खबरों में उसकी तस्वीर देखने के बाद उसे सीए सुमन कुमार के बारे में जानकारी मिली.

सीए सुमन कुमार से 22 अप्रैल 2022 को एक करोड़ कलेक्ट करने से संबंधित सवाल के सिलसिले में अपना बयान दर्ज कराते हुए अनिल झा ने कहा कि उसने पेंटालून के बेसमेंट के पास से एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये कलेक्ट किया था. पर उसे पैसा देनेवाला व्यक्ति सुमन कुमार ही था, यह याद नहीं है. उसे पैसा देनेवाला व्यक्ति सुमन कुमार भी हो सकता है.

पहले होटल में करता था काम, दोगुने पैसे पर पीपी से जुड़ा 

अनिल ने घर से मिले पांच लाख रुपये का हिसाब देते हुए इस रकम को वेतन से बचायी गयी राशि और पारिवारिक सदस्यों द्वारा बतौर उपहार दिया गया बताया. घर से मिली डायरी में लिखी कुल 2.90 लाख रुपये के बारे में बताया कि यह राशि प्रेम प्रकाश ने घर बनाने के लिए दी थी. अनिल झा ने कहा कि वह पहले होटल इमराल्ड में काम करता था. प्रेम प्रकाश वहां जाते थे. इसी दौरान उसका संपर्क प्रेम प्रकाश से हुआ. प्रेम प्रकाश ने उसे दोगुने वेतन पर अपने फर्म में काम करने की पेशकश की. इसके बाद वह वर्ष 2015 से किशन पॉल्ट्री फार्म में 40 हजार रुपये के वेतन पर काम करने लगा.

पीपी ने अपने कर्मियों का मोबाइल कराया था फॉर्मेट

प्रेम प्रकाश घबराया हुआ था. उसने अपने कार्यालय में सभी कर्मचारियों को बुलाया और फोन को फॉर्मेट करने को कहा. इसके बाद सभी कर्मचारियों के फोन फॉर्मेट कर दिये गये, जिससे फोन से सभी पुराने रिकॉर्ड खत्म हो गये.

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